Mandi, Dharamveer-हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश ने मंडी जिले में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। रेड अलर्ट के बीच बीते तीन दिनों से बंद पड़ा चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग बहाली की ओर बढ़ रहा है।
दवाड़ा से हणोगी टनल तक लगभग डेढ़ किलोमीटर का पैच अभी भी सबसे चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, जहाँ पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है। एनएचएआई की मशीनरी और ऑपरेटर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और जान जोखिम में डालकर हाईवे को खोलने का प्रयास जारी है। हणोगी तक मार्ग पहले ही बहाल किया जा चुका है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यदि मौसम ने साथ दिया तो आज शाम तक दवाड़ा के पास हाईवे खोला जा सकता है।
प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल, गैस और अन्य जरूरी सामान से भरी करीब 25 गाड़ियाँ पंडोह से हणोगी तक भेज दी हैं, ताकि सड़क खुलते ही इन्हें सबसे पहले कुल्लू की ओर भेजा जा सके। इसके बाद हाईवे पर फंसे अन्य वाहनों को भी सुरक्षित निकाला जाएगा। एडीसी मंडी गुरसिमर सिंह ने बताया कि एनएचएआई की टीमें लगातार काम कर रही हैं और जल्द स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
ब्यास नदी का खतरा बरकरार
इस बीच, कुल्लू-मनाली क्षेत्र में सोमवार रात और मंगलवार सुबह की बारिश के बाद ब्यास नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया। दवाड़ा फ्लाईओवर के नीचे हाईवे पर पानी भर गया है। उल्लेखनीय है कि 26 अगस्त को भी ब्यास में आई बाढ़ के कारण फ्लाईओवर के नीचे सड़क धंसकर बड़ा गड्ढा बन गया था।
फिलहाल, पंडोह डैम से करीब 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे ब्यास की लहरें फिर से पंचवक्त महादेव मंदिर तक पहुँच गई हैं। जिला प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनज़र लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।
