राहुल चावला,धर्मशाला(TSN)-साइबर ठगों ने अब डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया है।साइबर थाना धर्मशाला में पहुंचे मामलों के तहत करीब एक करोड़ की ठगी साइबर ठग,डिजिटल अरेस्ट के नाम पर कर चुके हैं। साइबर थाना में अब तक 6 के लगभग मामने डिजिटल ठगी के आ चुके हैं।साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों से ठगों द्वारा ज्यादातर विभिन्न बैंक अकाउंट में ही पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं।साइबर थाना से मिली जानकारी के अनुसार डिजिटल अरेस्ट के तहत ठगों साइबर ब्रांच दिल्ली या मुंबई का हवाला देते हुए किसी भी व्यक्ति को व्हटसऐप पर वॉयस कॉल की जाती है कि आपके खिलाफ मनी लॉंड्रिंग या गलत वेबसाइट ओपन करने पर आपके खिलाफ मामला दर्ज है। जबकि पुलिस द्वारा कभी भी किसी पर मामला दर्ज होने पर व्हटसऐप कॉल नहीं की जाती।
पिछले साल 5, इस वर्ष एक मामला
साइबर थाना में पिछले वर्ष 5 मामले डिजिटल अरेस्ट के आए थे, जिसमें ठगों द्वारा 40 से 50 लाख रुपये की राशि ठगी गई थी। इस वर्ष भी गगल के एक व्यक्ति ने डिजिटल अरेस्ट में 54 लाख रुपये गंवाए हैं,जिसमें ठगों ने व्यक्ति को गलत वेबसाइट को ओपन करने के नाम पर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी को अंजाम दिया था।ज्यादातर ठगी के मामलों में ठगों द्वारा बैंक अकाउंट शेयर करके उन्हीं अकाउंट में पैसा जमा करवाने को कहा जाता है। डिजिटल अरेस्ट की ठगी में भी ठगों ने अपने बैंक अकाउंट में राशि ट्रांसफर करवाई है।
साइबर ठगी से बचाव हेतू साइबर लिटरेसी बढ़ाने के साथ लोगों को जागरूक करने की जरूरत हैं, जिससे लोग, साइबर ठगों के पैंतरों न फंसे। प्रदर्शित होने वाले लुभावने विज्ञापनों से भी बचना चाहिए। डिजिटल अरेस्ट के पिछले साल 5 और इस साल एक मामला आया है।
