हमीरपुर:अरविंद सिंह (TSN)-प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह इस समय मौकापरस्त होने की राजनीति कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ना तो हमीरपुर के हैं ना ही शिमला और कांगड़ा के,वह जहां पर भी जाते हैं वहां जाकर यही कहते हैं कि वह उसे इलाके के हैं.अब उनकी धर्मपत्नी देहरा से चुनाव लड़ रही है तो मुख्यमंत्री बोल रहे हैं कि वह तो देहरा के हैं.उनकी बातों पर अब प्रदेश की जनता विश्वास नहीं कर रही है.यह बात भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने यह प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही ।
प्रदेश में चरमराई कानून व्यवस्था..कांग्रेस सरकार पर लगाए ये आरोप
रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा के प्रत्याशी आशीष शर्मा जब कांग्रेस के साथ थे तो मुख्यमंत्री को वह समाज सेवी लगते थे, लेकिन जब से वह भाजपा में शामिल हुए हैं उन्हें अब वह माफिया लगते हैं.यह दोहरी मानसिकता समझ नहीं आ रही है.यह सरकार प्रदेश के लोगों का कोई काम नहीं कर रही है.अगर काम कर रही है तो सिर्फ अपने मित्रों की है ।उन्होंने कहा कि आज हिमाचल में दिन-दिहाड़े लोगों की ह*त्याएं हो रही है गोलियां चल रही है लेकिन ह*त्याओं को आत्मह*त्याओं में बदला जा रहा है कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है।शर्मा ने कहा कि आपदा के समय भी प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने भाई भतीजा कर राहत राशि बांटने का काम किया है।उन्होंने आरोप लगाया कि जरूरतमंद लोगों तक मदद नहीं पहुंच पाई.हालांकि केंद्र की ओर से मदद में कोई कमी नहीं रखी गई लेकिन इसे लेकर भी प्रदेश की जनता को झूठ बोलकर गुमराह करने का काम किया गया । उन्होंने प्रदेश सरकार को सबसे निकम्मी सरकार करार देते हुए कहा कि डेढ़ साल के कार्यकाल में कोई नई विकास कार्य शुरू नहीं किए गए और केवल मित्रों को लाभ पहुंचाने का काम किया गया।
BJP के 9 विधायकों को बर्खास्त करने की बात पर किया पलटवार
वहीं राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि आज प्रदेश सरकार की हालत यह है कि सचिवालय में काम करने वाले कर्मचारी भी परेशान हैं.लोगों के काम नहीं हो रहे हैं,लोग बार-बार चक्कर काट कर वापस चले जाते हैं,लेकिन मुख्यमंत्री और उनकी सरकार सिर्फ अपने आप को बचाने में लगी हुई है.अब मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि जल्द ही नौ लोग और भाजपा से चले जाएंगे इससे बड़ा और झूठ क्या हो सकता है।
मुख्यमंत्री के द्वारा भाजपा के 9 विधायकों को बर्खास्त करने की बात पर पलटवार करते हुए राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि देश कानून से चलता है और विधानसभा अध्यक्ष के ऊपर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी है.उन्होंने कहा कि अगर सरकार तानाशाही रवैया अपना कर कोई फैसला करवाती है तो भाजपा के सभी विधायक, राज्यपाल राष्ट्रपति और केंद्र सरकार से मांग करेंगे कि इस सरकार को हटाकर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू किया
