संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में भारी बारिश के चलते हालात बेहद खराब हैं। प्रदेश में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और खुद बचाव और राहत कार्यों का जायजा भी ले रहे थे। वहीं गुरुवार को मुख्यमंत्री 3 दिन आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद राजधानी शिमला पहुंचे। यहां पहुंच कर मुख्यमंत्री ने पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तार से बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए बेहद मुश्किल वक़्त था। चारों तरफ प्राकृतिक आपदा से हो रही आपदा के बीच लोगों का जीवन बचाना मुश्किल काम था,लेकिन सरकार ने पूरी तैयारी के साथ स्थिति को संभाला और सब जगह एक साथ “ऑपरेशन जीवन” चलाकर लोगों के जीवन बचाने में सफलता हासिल की हैं। ऐसे हालातों में स्थानीय लोगों के साथ ऐसे सैलानी जिनका कोई पता नहीं था उन तक पहुंचना और उनको सुरक्षित बचाना हमारी सरकार की सबसे बड़ी सफलता हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज भी वहः किन्नौर से आते हुए 9 लोगों को अपने साथ लेकर आए हैं ओर 119 और लोगों को सांगला से सफल रेस्क्यु किया गया हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू,मनाली, किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा, सिरमौर जो सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र हैं। वहां से अधिकांश लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यु कर उनको उनके गंत्वय की और भेज दिया गया हैं।
अकेले कुल्लू- मनाली में लगभग 70 हज़ार के करीब सैलानी फंसे थे जिनमें से 60 हज़ार लोगों को घर भेज दिया गया हैं। 10 हज़ार लोग अपनी गाड़ियां छोड़ कर नहीं जाना चाह रहे है इसलिए वहां रुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा पूरी आपदा के दौरान गृह मंत्री, प्रधानमंत्री, भूतल परिवहन मंत्री से बात हुई हैं और सभी ने प्रदेश को हर संभव मदद का भरोसा दिया हैं।
कैबिनेट मंत्री जगत नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी की कि सराहना
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेने के लिए गए कैबिनेट मंत्री जगह तो नहीं की और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी की सराहना की। उन्होंने कहा की 62 साल की उम्र में कम ऑक्सीजन वाले क्षेत्र में जाने का साहस दिखाया और रेस्क्यु ऑपरेशन में लगे लोगों का मनोबल बढ़ाया जिसके चलते यह असंभव सा काम थोड़े ही समय में सफल हो गया।
