भावना शर्मा,शिमला: प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह की ओर से लक्ष्मण रेखा पार ना करने की नसीहत दी गई है। यह नसीहत उन्होंने मुख्यमंत्री के स्व. वीरभद्र सिंह पर की गई टिप्पणी के जवाब के रूप में दी गई है। बीते दिनों मुख्यमंत्री जायरण ठाकुर ने वीरभद्र मॉडल को लेकर सवाल खड़े किए थे जिस पर विक्रमादित्य सिंह भड़क गए है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का मान सम्मान करते है,लेकिन बीते दिन उन्होंने करसोग में जो बयानबाजी की वह दुर्भाग्यपूर्ण है । उन्होंने वीरभद्र सिंह के विकास मॉडल के बारे में ओर उनके किए गए कार्यों को नकारने का प्रयास किया है जोकि लोकतंत्र परंपरा के खिलाफ़ है। उन्होंने कहा कि हिमाचल को अस्तित्व में लाने के लिए में यशवंत सिंह परमार का योगदान है और उसके बाद वीरभद्र सिंह का आधुनिक हिमाचल के विकास में योगदान रहा है जिसे नकारा नहीं जा सकता है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जयराम ठाकुर वकिस मॉडल की बात करते है। जयराम विकास मॉडल ऐसा मॉडल जिसमें उनके अधिकारियों पर ही नियंत्रण नहीं है। वरिष्ठ अधिकारी खुले पत्र राज्यपाल को लिखते है। मुख्यमंत्री कार्यालय पर कोई नियंत्रण नहीं है। सुबह लिए गए फ़ैसले शाम को वापस लिए जाते है। सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट मंडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 5 साल में 1 ईंट भी नहीं लगा पाए। इनके राज में किसान, बागवान, कर्मचारी, बेरोजगार खुश नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बौखलाहट में आ कर राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे है। मुख्यमंत्री को राजनीतिक लक्ष्मण रेखा को पार नहीं करना चाहिए उनके हाथ से सरकार और सत्ता जा रही है जिसके चलते वह इस तरह के बयान बाजी कर रहे है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के विकास में सभी मुख्यमंत्रीयों योगदान रहा है सबका साथ सबका विकास होना चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने शब्द वापस लेने की नसीहत दी ओर कहा कि अगर वह अपने शब्द वापिस नहीं लेते तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
