Shimla, 25 December-:शिमला के जतोग क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक सेंट माइकल चर्च में प्रभु यीशु मसीह का जन्मोत्सव क्रिसमस पर्व अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। वर्ष 1886 में निर्मित यह चर्च क्षेत्र के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है, जिसकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता आज भी बनी हुई है।
क्रिसमस के पावन अवसर पर चर्च परिसर को आकर्षक सजावट और रोशनी से सुसज्जित किया गया था। इस अवसर पर जतोग सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चर्च पहुंचे और विशेष प्रार्थना सभा में भाग लिया। भजनों, प्रार्थनाओं और मोमबत्तियों की रोशनी से चर्च का वातावरण आध्यात्मिक और भावनात्मक बन गया।
कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए एवेंजेलिस्ट रीना कुमारी ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने मानवता को प्रेम, करुणा, शांति और एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को यीशु के दिखाए मार्ग पर चलने की अत्यंत आवश्यकता है, ताकि आपसी भाईचारा, सद्भाव और सामाजिक समरसता बनी रहे। इस अवसर पर उन्होंने सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।रीना कुमारी ने बताया कि सेंट माइकल चर्च की देखरेख पिछले लगभग 60 वर्षों से चर्च के वरिष्ठ सदस्य जॉन वेसली द्वारा पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ की जा रही है। उनके मार्गदर्शन में हर वर्ष प्रभु यीशु का जन्मदिवस पूरे धार्मिक उल्लास और परंपरागत विधि-विधान के साथ मनाया जाता है, जिससे चर्च की धार्मिक विरासत निरंतर जीवंत बनी हुई है।क्रिसमस कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं और समाज में प्रेम, शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
