संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में बीते 2 देना तक मौसम खराब रहने की वजह से शिमला, मनाली, लाहौल स्पीति,किन्नौर सहित चंबा और कांगड़ा जिला की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई हैं। पहाड़ों पर जहां बर्फ़ की सफ़ेद चादर बिछ गई हैं तो वहीं मैदानी इलाकों में बारिश होने से समूचा प्रदेश शीतलहर की चपेट में हैं। राजधानी शिमला सहित, कुफरी, नारकंडा, खड़ा पत्थर, चौपाल, रोहडू, चांशल, नारकंडा, लाहौल स्पीति जिले के लोसर में, रोहतांग टनल, कुंजुमपास, बारालाचा लाहौल स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के पांगी, भरमौर के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी में बर्फ की मोटी परत बिछ गई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में बारिश होने से समूचा प्रदेश शीत लहर की चपेट में हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला विभाग ने आज से मौसम साफ रहने का अनुमान लगाया है और आने वाले 4 दिनों में धुंध और शीत लहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया हैं। प्रदेश में 17 जनवरी तक मौसम साफ रहेगा तो वहीं 18 जनवरी से एक बार फिर बारिश और बर्फबारी का दौर प्रदेश में शुरू होगा।
वहीं अगर बर्फबारी कि बात की जाए तो सबसे ज्यादा हिमपात कुल्लू के कोठी में 40 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया गया हैं। शिमला में 6 सेंटीमीटर मीटर बर्फबारी हुई है सबसे ज्यादा 23 मिली मीटर बारिश मनाली में रिकॉर्ड की गई हैं। ताजा बारिश व बर्फबारी से समूचा प्रदेश शीतलहर की चपेट में है क्योंकि तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही हैं। शिमला का न्यूनतम तापमान 0.6 चल रहा हैं केलांग, मनाली, कुफ़री, कल्पा, नारकंडा में तापमान माईनस में चल रहे हैं। सबसे कम तापमान केलांग में माइनस 7.2 डिग्री दर्ज किया गया हैं
ताज़ा बर्फबारी व बारिश से किसानों बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। बर्फबारी से पर्यटन उद्योग को भी फ़ायदा मिलने की उम्मीद बंधी है। शिमला पहुंचे पर्यटकों का कहना है की खराब मौसम की संभावना को देखते हुए ही वह शिमला पहुंचे थे। यहां बर्फबारी देखकर आनंद आ रहा है।
