हमीरपुर :अरविन्द सिंह (TSN)-मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार के जनमंच कार्यक्रम को लेकर निशाना साधा है ।हमीरपुर जिला के एक दिवसीय प्रवास पर बड़सर विधानसभा क्षेत्र पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने जनमंच पर सिर्फ रुपया बर्बाद किया है। जनमंच का लोगों को फायदा नहीं मिला बल्कि पैसे की बर्बादी जरूरी हुई। उन्होंने कहा कि अब सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम शुरू किया गया है। वहां पर लोगों की समस्याओं के संदर्भ में प्रमाण लिए जाते हैं और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाता है।
बिझड़ी में लोगों की सुनी समस्याए
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिझड़ी के स्टेडियम में सरकार गांव के द्वार’कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं को भी सुना । उन्होंने लगभग डेढ़ सौ करोड रुपए की लागत से बनने वाली तीन विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास करने के अलावा बड़सर में एडीए कार्यालय भवन और नागरिक अस्पताल के आवासीय परिसर का उदघाटन भी किया । इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिझड़ी के स्टेडियम में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं को भी सुना ।
डॉक्टरों के विरोध को लेकर सीएम ने कहा ये
वहीं अपनी मांगो को लेकर डॉक्टरों के विरोध को लेकर कहा कि इसके बारे में पता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि 1200 डाक्टर्ज एमबीबीएस करने के बाद घर में बैठे हुए हैं। चिकित्सकों के विरोध प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि जो बात न्यायसंगत होगी उसी आधार पर फैसला लिया जाएगा।
मै तो सुबह व शाम श्रीराम का ध्यान करता हूं
सीएम ने कहा कि भाजपा राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मैं तो सुबह व शाम श्रीराम का ध्यान करता हूं तथा उनको भी चाहिए कि वे श्रीराम के आदर्शों पर चलें।
हमें थोड़ा और कर्ज दिया जाए
सीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2022-23 में जो कर्ज चुनाव के दौरान लिया था वह 14 हजार करोड़ रुपए था। डबल इंजन की सरकार के यह यह सेंक्शन करवाया था और दिसंबर में हिमाचल में भाजपा हार गई। उन्होंने कहा कि वे उस कर्ज को वर्तमान प्रदेश सरकार के साथ जोड़ रहे हैं जबकि यह कर्ज वह स्वीकृत कर्ज था जिसका वर्तमान सरकार ने सदुपयोग किया। उसके बाद कि वर्तमान सरकार को जो पहला बजट आया है उसके सिर्फ 6600 करोड़ का ही कर्ज मिला है। हम भारत सरकार से मांग कर रहे हैं कि हमें थोड़ा और कर्ज दिया जाए ताकि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके।
