Bilaspur, Subhash-:केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के फैसले के विरोध में रविवार को कांग्रेस ने जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और निर्णय को ग्रामीण एवं मजदूर विरोधी करार दिया।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने कहा कि नरेगा योजना की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार द्वारा ग्रामीण गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत मजदूरों को उनके घर के पास या अपने गांव में ही 100 दिन का रोजगार मिलता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।रामलाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार ने न केवल योजना के मूल उद्देश्य के साथ छेड़छाड़ की है, बल्कि राज्यों पर वित्तीय दबाव भी बढ़ा दिया है। पहले इस योजना में केंद्र सरकार का योगदान 90 प्रतिशत और राज्य सरकार का 10 प्रतिशत होता था, लेकिन अब केंद्र ने इस हिस्सेदारी को घटाकर राज्यों का 40 प्रतिशत कर दिया है। इसका सीधा असर गरीब मजदूरों को मिलने वाले लाभ पर पड़ा है और राज्यों की वित्तीय स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा के नाम बदलने और राज्यों पर बढ़ाए गए बोझ के खिलाफ लगातार विरोध करती रहेगी और ग्रामीण जनता के अधिकारों की रक्षा करेगी।
