मंडी:धर्मवीर(TSN)-बीते 2 दिन पहले मंडी जिला सरकाघाट उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत रखोह के कलोट गांव के जिस कुएं में दंपत्ति की मौ.त हुई थी उस कुएं को अब हमेशा-हमेशा के लिए दफन कर दिया जाएगा। उपमंडल प्रशासन ने कुएं को मिट्टी डालकर हमेशा के लिए बंद करने का फरमान जारी किया है।फिल्हाल अभी इस कुएं को सील किया गया है और लोगों को हिदायत दी गई है कि वे उसके पास न जाएं।भविष्य में तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग के साथ मिलकर इस कुएं में मिट्टी डालकर इसे हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।
कुएं में धरातल में ऑक्सीजन की कोई मौजूदगी नहीं है और प्रारंभिक जांच में इस का स्पष्ट पता चल चुका है।इसलिए इसके पास जाकर पानी भरना खतरे से खाली नहीं रह गया है।भविष्य में कोई और हा.दसा न हो,इसके लिए कुएं को हमेशा के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस बात की पुष्टि एसडीएम सरकाघाट स्वाति डोगरा ने की है।
कुएं के उपर से बाल्टी डालकर पानी निकालने की योजना बना रहा संजीव
कुएं में डूबने से मौ.त का शिकार हुआ 45 वर्षीय संजीव कुमार अपनी ग्राम पंचायत के कलोट-2 वार्ड का सदस्य था। उसकी धर्मपत्नी नीलम कुमारी आशा वर्कर थी।ग्राम पंचायत रखोह की प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि संजीव को इस बात का पता था कि कुएं के धरातल पर ऑक्सीजन की कमी है।इस बात को लेकर संजीव ने 3 लाख की राशि से कुएं के पास कुछ काम भी करवाया था और भविष्य के लिए कुएं के उपर से बाल्टी डालकर पानी निकालने की योजना बना रहा था। लेकिन उससे पहले संजीव खुद ही हादसे का शिकार हो गया।
कुएं में ऑक्सीजन की कमी मानी जा रही है मौ.त की मुख्य वजह
संजीव ने बताया था कि कुएं के पास सुबह साढ़े 7 बजे से पहले और शाम को 5 से 7 बजे के बीच जाकर ही पानी भरना पड़ता है।इसके अलावा जब गर्मी ज्यादा होती है तो वहां पर ऑक्सीजन पूरी तरह से खत्म हो जाती है।इस बात को लेकर प्रारंभिक तौर पर जो जांच की गई है उसमें भी यही बात सामने आई है कि कुएं के धरातल पर ऑक्सीजन की मौजूदगी नहीं है।दोनों के डूबने और मौ.त का कारण ऑक्सीजन की कमी ही मानी जा रही है।हालांकि इस बात पता भी चला है कि दोनों दंपत्ति को तैरना भी आता था।
