संजीव महाजन, नूरपुर: प्रदेश में पिछले काफी दिनों से मौसम बहुत ज्यादा खराब चल रहा हैं। बेमौसमी बारिश इस समय प्रदेश में कहर बरपा रही हैं। लगातार बदलते इस मौसम की वजह से प्रदेश के किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। अप्रैल- मई के महीने में मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप शुरू हो चुका होता है पर इस बार अप्रैल- मई महीने में बेमौसमी बारिश के चलते एक तरफ तापमान में लगातार गिरावट हो रही हैं वहीं दूसरी ओर इस बेमौसमी बारिश ने किसानों व बागवानों की चिंताएं बढ़ाई हुई हैं।
बारिश के चलते किसानों की गेहूं खेतों में ही काली पड़ना शुरू हो चुकी हैं। बागवानों की आम की फसल भी औसतन पिछले सालों से कम हैं। नूरपुर विधान सभा के सुलयाली,लदोडी ,मिलख पंचायत के साथ साथ और कई अन्य क्षेत्रों में सोमवार सुबह से मौसम साफ था धूप निकली हुई थी पर दो बजे के बाद मौसम एक दम खराब होना शुरू हो गया ओर बारिश होना शुरू हो गई, जिसके चलते किसानों को फसल की कटाई रोकनी पड़ गई । जो फसल काट रखी थी वो भी भीग गई।
इस बारिश की वजह से किसान इस असमंजस में फंसा हुआ है कि अगर फसल काटता है तो भीग जाएगी। कनक की थ्रेसिंग करने में दिक्कत आ रही हैं और अगर किसान नहीं काटता है तो खेतों फसल खेतो में खराब हो जाएगी । वहीं किसानों का कहना हैं कि बारिश होने की वजह से हमें कटाई रोकनी पड़ गई थी। अभी बारिश थोड़ी कम हुई है हम दोबारा कटाई करने जा रहे हैं । बारिश की वजह से कटाई करने में मुश्किल हो रही हैं।
किसान परविन्द्र सिंह ने कहा कि हमने गेहूं कटाई के लिए मशीन लगाई है पर रोज बारिश हो रही हैं। हमें बहुत परेशानी हो रही हैं। हम किसान क्या करें हमारी मदद कौन करेगा। हर चीज महंगी हैं।तूडी भी 15 रुपए मिलती हैं। किसान अब गाय भी कैसे पाल सकता हैं। किसान अगर दूध महंगा बेचे तो लोग खरीदने को तैयार नहीं होते हैं।
