बिलासपुर : सुभाष ठाकुर – एम्स बिलासपुर में निजी कंपनी द्वारा नौकरी से निकाले गए कर्मी को दोबारा ज्वाइनिंग करवाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। कर्मियों ने कहा है कि यदि इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। यह बात बिलासपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में एम्स में निजी कंपनी की पूर्व कर्मी रही महिला सुषमा ठाकुर, पूर्व प्रधान राजपुरा कुलदीप ठाकुर, कोठीपुरा पंचायत प्रधान पिंकी देवी ने कही।
कर्मचारियों ने कहा कि एक ओर जहां सरकार, प्रशासन द्वारा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं,वह सब खोखले साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि महिला को किसी व्यक्ति द्वारा छेड़छाड़ की जाती है, लेकिन निजी कंपनी की ओर से व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए महिला कर्मी का स्थानांतरण कर दिया जाता है। वहीं, मजबूरी में महिला को नौकरी छोडऩी पड़ती है। लेकिन दोबारा निजी कंपनी द्वारा नौकरी से निकाले गए कर्मी को ज्वाईनिंग करवा दी जाती है। उन्होंने कहा कि हैरानी इस बात की है कि यहां तक कि एम्स बिलासपुर में निजी कंपनी की कर्मी रही महिला जब एम्स में उपचाराधीन अपने परिजनों और रिश्तेदारों से मिलने के लिए जाती है,तो उसे एम्स के मेन गेट पर रोका दिया जाता है, जोकि न्यायसंगत नहीं है।
