हमीरपुर, अरविन्द-:हमीरपुर जोन में मुख्य अभियंता द्वारा बिजली कर्मचारियों और पेंशनरों को प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाने के आदेश के बाद विवाद गहरा गया है। आदेश के विरोध में बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम ने विशेष बैठक आयोजित कर कड़ा ऐतराज जताया। बैठक की अध्यक्षता फोरम के वरिष्ठ उपप्रधान कुलदीप खरवाड़ा ने की।
कुलदीप खरवाड़ा ने कहा कि जारी आदेश अनुचित हैं, क्योंकि कर्मचारी और पेंशनर भी सामान्य उपभोक्ताओं की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि किस नियम के तहत उन्हें अलग श्रेणी में रखकर स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना था कि पेंशनर पहले से ही स्मार्ट मीटरिंग का विरोध कर रहे हैं और ऐसे में यह निर्णय उन्हें आहत करने वाला है।बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि आदेश तुरंत प्रभाव से वापस नहीं लिया गया तो 5 मार्च को मुख्य अभियंता संचालन मट्टनसिद्ध कार्यालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस विरोध में कर्मचारी, पेंशनर और उपभोक्ता संयुक्त रूप से भाग लेंगे। बैठक बिजली बोर्ड के विश्राम गृह अणु में आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में पेंशनर उपस्थित रहे।फोरम ने यह भी कहा कि प्रदेश में 26 लाख उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर का टेंडर जारी किया जा चुका है। उनका तर्क है कि जब राज्य सरकार 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रही है और 12–13 लाख उपभोक्ताओं के बिल शून्य आ रहे हैं, तो लगभग 1250 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट मीटर लगाने का औचित्य स्पष्ट किया जाए। पेंशनरों ने मांग की है कि सरकार और बोर्ड प्रबंधन इस फैसले पर पुनर्विचार करे।
Chandrika
