हमीरपुर,अरविन्द-:ग्राम पंचायत ग़रसाहड़ के वार्ड नंबर 5 ककरोल के ग्रामीणों ने नई प्रस्तावित जोल कोटा पंचायत में शामिल किए जाने का विरोध जताया है। उनका कहना है कि यदि उन्हें इस नई पंचायत में जोड़ा गया, तो उन्हें लगभग 3 किलोमीटर का जंगल रास्ता तय करना पड़ेगा, जो महिलाओं और बच्चों के लिए खतरनाक है। इसी मांग को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने उपायुक्त हमीरपुर से मुलाकात की और अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल के रास्ते में तेंदुआ, बंदर और दिनदहाड़े शरारती तत्व मौजूद रहते हैं, जिससे यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। इसके अलावा, वे पहले भी 2005 में पपलाह पंचायत से ग़रसाहड़ में शामिल किए जा चुके हैं और उस समय भी उनकी आपत्तियों को अनसुना किया गया था। इस बार वे स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी हाल में उन्हें दूसरी पंचायत में नहीं जोड़ा जाए।वार्ड नंबर 5 की आबादी पर्याप्त है और ग़रसाहड़ पंचायत में उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें वर्तमान पंचायत में ही रखा जाए, क्योंकि प्रस्तावित नई पंचायत में शामिल होने से दूरी और जंगल का मार्ग दोनों ही उनकी मुश्किलें बढ़ाएंगे।ग्राम पंचायत ग़रसाहड़ के पूर्व प्रधान विकास शर्मा ने बताया कि वार्ड के लोग लगातार अपनी व्यथा प्रशासन को बता रहे हैं। दिसंबर 2025 में हुई ग्राम सभा में भी उन्होंने प्रस्तावित पंचायत में शामिल होने का विरोध किया था।एडवोकेट सुरेश ठाकुर ने कहा कि वर्तमान पंचायत में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं और नई पंचायत में जाने से ग्रामीणों के लिए जीवन और सुरक्षा दोनों पर खतरा होगा। इसी वजह से ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने डीसी हमीरपुर से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज करवाई।
Chandrika
