अरविंदर सिंह, सुजानपुर: डेरा सच्चा सौदा के गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिं का 32वां पावन महापरोपकार माह का भंडारा हिमाचल प्रदेश की साध-संगत ने रविवार को सुजानपुर में धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर सुजानपुर ग्राउंड, बस स्टैंड के सामने विशाल नामचर्चा का आयोजन किया गया। नामचर्चा में भारी तादाद में साध-संगत ने शिरकत की। विशाल पंडाल में जहां तक नजर जा रही थी साध-संगत ही नजर आ रही थी। सुजानपुर के इतिहास में पहली बार एक साथ इतनी बड़ी तादाद में लोग एक जगह पर पहुंचे। इस अवसर पर गुरु की शिक्षाओं पर चलते हुए 142 मानवता भलाई कार्यों के तहत हिमाचल प्रदेश की साध-संगत ने 32 जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरित किया।
शनिवार शाम से ही साध-संगत का सुजानपुर में नामचर्चा स्थल पर आना शुरू हो गया, जो कि लगातार जारी रहा। रविवार को नामचर्चा की शुरूआत से पहले ही पूरा पंडाल साध-संगत से खचाखच भर गया। इसके साथ ही नामचर्चा स्थल की ओर आने वाले सभी मार्गों पर जहां तक नजर पहुंच रही थी, साध-संगत की कतारें ही नजर आ रही थी। इस अवसर पर गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह के पावन वचन बड़ी-बड़ी स्क्रीनों पर चलाए गए, जिन्हें साध-संगत ने श्रद्धापूर्वक श्रवण किया।
इस अवसर पर राम रहीम ने फरमाया कि सत्संग, जहां आने से इंसान को अपना खुद का ज्ञान होता है। कई बार लोग इतना ज्ञान हासिल कर लेते है, आलम फाज़ल बन जाते हैं, लेकिन खुद का ज्ञान, मैं कौन हूं, मैं कैसा हूं,मैं क्या-क्या करता हूं इस बारे में अंजान रहते है। सत्संग एक ऐसी जगह है, जहां आने से इंसान को समझ आती है की हां मैं क्या करता हूं,, क्या करना चाहिए, क्या होना चाहिए, कैसे अपने आप को चेंज किया जा सकता है, ये सत्संग में पता चलता है। नामचर्चा के दौरान 32 जरूरतमंद परिवारों को एक-एक माह का राशन दिया गया। नामचर्चा की समाप्ति पर भारी तादाद में उमड़ी साध-संगत को सेवादारों ने कुछ ही मिनटों में लंगर, भोजन और प्रसाद खिलाया गया।
