राहुल चावला, धर्मशाला: जिला को कांगड़ा जिला को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और टूरिज्म कैपिटल बनाने की दिशा में सरकार ने काम करना शुरू कर दिया हैं। इसके तहत बहुत से ऐसे कार्य जिला कांगड़ा में किए जा रहे हैं जिससे कि पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके और पर्यटक यहां घूमने के लिए आएं। इसी कड़ी में जिला कांगड़ा में के बनखंडी में वर्ल्ड क्लास जू बनाया जा रहा है जिसके लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजैडए) की तकनीकी कमेटी मानसून के बाद दौरा कर सकती हैं।
जू निर्माण के लिए जो अलग-अलग कंपोनेंट बनने हैं, उन्हें सीजैडए की तकनीकी कमेटी की ओर से स्वीकृति प्रदान की जाएगी। विभिन्न कंपोनेंट में जो काम जू निर्माण हेतू किए जाने हैं, उसके लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित की जाएगी, उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि वर्तमान सरकार ने जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने का ऐलान किया हैं इसी कड़ी में बनखंडी में वर्ल्ड क्लॉस जू निर्माण किया जा रहा है। जिसके लिए हाल ही में सेंट्रल जू अथॉरिटी ने बनखंडी में बनने वाले जू को स्वीकृति प्रदान कर दी हैं।
उपनिदेशक, पर्यटन विभाग कांगड़ा विनय धीमान ने कहा कि जिला कांगड़ा के बनखंडी में बनने वाले वर्ल्ड क्लॉस जू के प्रथम चरण में बाउंड्री वॉल, वाटर हारवेस्टिंग स्ट्रक्चर का काम होना हैं। सेंट्रल जू प्राधिकरण की तकनीकी कमेटी एरिया का विजिट करेगी, जो कि मानसून के बाद करवाया जाएगा। जू में कौन से कंपोनेंट बनने हैं, उन पर कमेटी अप्रूवल देगी। अलग-अलग कम्पोनेंट में जो कार्य होने हैं, उसके लिए प्रोजेक्ट यूनिट स्थापित की जाएगी, उसके उपरांत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
प्रथम चरण में बाउंड्री वॉल, वाटर हारवेस्टिंग स्ट्रक्चर का काम
बनखंडी में बनने वाले वर्ल्ड क्लॉस जू के प्रथम चरण में बाउंड्री वॉल और वाटर हारवेस्टिंग स्ट्रक्चर का काम किया जाएगा। इसके लिए सीजैडए की तकनीकी कमेटी बनखंडी का दौरा होगा, जो कि मानसून के बाद करवाया जाएगा। इसको लेकर पर्यटन विभाग तैयारियों में जुटा हुआ हैं। बनखंडी में वर्ल्ड क्लॉस जू के लिए चिडिय़ाघर प्राधिकरण (सीजैडए) से पूर्व स्वीकृति प्राप्त हो गई हैं। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत बड़े चिडिय़ाघर की स्थापना एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगा। यह प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना हैं।
पर्यटकों को वन्य जीवों से जोड़ेगा जू
वर्ल्ड क्लॉस जू में प्रदेश और अन्य क्षेत्रों के मूल वन्य जीवों को रखा जाएगा। यह चिडिय़ाघर पर्यटकों के लिए वन्य जीवों से जुड़ने, उनके प्राकृतिक व्यवहार और पारिस्थितिक महत्व की समझ विकसित करने के केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यह चिड़ियाघर वन्य जीव संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करेगा।
