सोलन :योगेश शर्मा- हिमाचल प्रदेश में इस बार हुई बारिश ने लोगों के जनजीवन पर एक गहरा असर डाला है । जगह-जगह पर जमीन धंसने, मकान में दरार आने के मामले सामने आ रहे हैं, इसी कड़ी में सोलन शहर के शामती में भी पहाड़ी धंसने के कारण यहां पर करीब 21 मकान क्षतिग्रस्त हुए थे और 28 मकान में यहां पर दरारें आई है,अब इस शामती को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
बता दें कि सोलन शहर के साथ लगते शामती में भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुए मकानों को बचाने के लिए जिला प्रशासन विशेषज्ञों की मदद ले रही है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) के विशेषज्ञों की टीम ने शामती में बूरी तरह क्षतिग्रस्त और आंशिक क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे किया है। ऐसे मकानों को ठीक करने में दक्ष एनआईटीटीटीआर के प्रो.हिम्मत कुमार विनायक ने तीन दिन तक शामती में मकानों का मुआयना किया। यहां पर 21 मकानों बूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं और 28 मकानों में दरारें आई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इन मकानों को रेट्रोफिटिंग तकनीक से ठीक किया जा सकता है।
विशेषज्ञों की राय से क्षतिग्रस्त मकानों की हो सकती है मरम्मत: एडीसी
शामती में भारी बारिश से हुई लेंड स्लाइडिंग से 49 मकानों को नुकसान पहुंचा है। इन मकानों का अब क्या हो सकता है, इसके लिए विशेषज्ञों की सलाह ली गई है। प्रो. हिम्मत कुमार विनायक ने टीम के साथ क्षतिग्रस्त मकानों का तीन दिन तक गहनता से मुआयना किया है। इस सर्वे की रिपोर्ट जल्द आने वाली है, लेकिन विशेषज्ञों की राय है कि क्षतिग्रस्त तकरीबन सभी मकानों को मरम्मत के बाद ठीक किया जा सकता है। पूरी तरह खतरा टलने के बाद ही यहां पर फिर से लोगों को रहने दिया जाएगा।
10 जुलाई की रात सोलन में हुई थी लैंड स्लाइड अचानक पहाड़ी में आई थी दरारें
बीती 10 जुलाई की रात को भारी बारिश से शामती में भारी लेंड स्लाइडिंग हुई थी। इसी के साथ यहां शामती की पहाड़ी भी खिसक गई। इस दौरान यहां पर चार मकान जमींदोज हो गए। इससे 49 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इसमें 21 तो ऐसे हैं जिनको ज्यादा नुकसान हुआ है। जबकि 28 में भी दरारें आई हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इन सभी मकानों को खाली करवा दिया। इससे यह लोग बेघर हो गए और राहत शिविरों या रिश्तेदारों के पास रहने को मजबूर हो गए। तब से यहां कई विशेषज्ञों की टीमों ने दौरा कर पहाड़ी को बचाने के लिए सर्वे किए हैं। अब प्रशासन ने एनआईटीटीटीआर के विशेषज्ञों की मदद ली है।
