डलहौज़ी | डलहौज़ी और चंबा वन मंडल में इन दिनों ब्लैक बियर की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन गई है। बरसात के मौसम में जुलाई से सितंबर तक इन भालुओं की सक्रियता ग्रामीण इलाकों में बढ़ जाती है, खासकर तब जब मक्की की फसल खेतों में पक रही होती है। इसी दौरान ब्लैक बियर खेतों में छिप जाते हैं और जैसे ही ग्रामीण घास काटने या खेतों में काम करने पहुंचते हैं, उन पर हमला कर देते हैं।
इस खतरे को देखते हुए वन विभाग ने विशेष जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। चंबा के मुख्य अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीनों में ब्लैक बियर के खतरे को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि फसल के आसपास या जंगल के किनारे काम करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
वन विभाग ब्लैक बियर के व्यवहार और उनसे बचाव के तरीकों को लेकर गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगा। विभाग का मानना है कि जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है, और जब तक लोग खुद सतर्क नहीं होंगे, हादसों से पूरी तरह बचा पाना संभव नहीं होगा। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले खेतों में जाने से बचें, शोर मचाते हुए काम करें और वन विभाग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें।
