शिमला,27 मार्च (TSN)-हिमाचल प्रदेश कंप्यूटर एवं व्यवसायिक प्रशिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार द्वारा 985 कंप्यूटर साइंस लेक्चरर की भर्ती के निर्णय को सराहनीय कदम बताया है।संघ का कहना है कि सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से हजारों कंप्यूटर शिक्षकों एवं व्यवसायिक शिक्षकों को लाभ मिलेगा.वही कंप्यूटर टीचर और व्यवसायिक ट्रेनर मांग कर रहे हैं की कंप्यूटर साइंस लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया में 5 वर्षों के अनुभव की शर्त को केवल सरकारी स्कूलों के कंप्यूटर शिक्षक एवं आईटी विषय के व्यवसायिक प्रशिक्षकों के अनुभव तक सीमित रखा जाए।यदि इस अनुभव को निजी शिक्षण संस्थानों या अन्य गैर-सरकारी संस्थाओं में कार्यरत शिक्षकों तक विस्तारित किया जाता है,तो इससे सरकारी स्कूलों के उन शिक्षकों के साथ अन्याय होगा,जिन्होंने शिक्षा विभाग के नियमों के तहत वर्षों तक सेवा दी है और अपना सारा जीवन विभाग को एक आस में समर्पित कर दिया है ।
हिमाचल प्रदेश कंप्यूटर एवं व्यवसायिक प्रशिक्षक संघ का कहना है कि अन्य शिक्षक वर्गों की तरह, कंप्यूटर शिक्षक एवं व्यवसायिक प्रशिक्षकों को भी नियमित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।यदि सभी शिक्षण श्रेणियों को नियमित किया जा सकता है,तो सरकार को कंप्यूटर शिक्षकों को भी समान अवसर प्रदान करने चाहिए।उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में सेवा देने वाले कंप्यूटर शिक्षकों का अनुभव अधिक प्रासंगिक एवं व्यावहारिक है,जिसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।अन्य संस्थानों के अनुभव को शामिल करने से सरकारी स्कूलों में वर्षों तक सेवा देने वाले शिक्षकों के अधिकारों का हनन होगा।
सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय निश्चित रूप से हिमाचल प्रदेश में आईटी शिक्षा के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।हालांकि,यदि भर्ती प्रक्रिया में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के अनुभव को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो यह उन शिक्षकों के साथ अन्याय होगा,जिन्होंने विभाग के नियमों के अंतर्गत वर्षों तक सेवा दी है।समस्त कंप्यूटर एवं आईटी विषय के व्यवसायिक शिक्षक सरकार से निवेदन कर रहे हैं कि इस मांग को प्राथमिकता के साथ स्वीकार करते हुए भर्ती प्रक्रिया में उपयुक्त संशोधन किए जाएं.
