राकेश,ऊना(TSN): डेरा बाबा रूद्रानंद बसाल में आने वाले श्रद्धालुओं को लंगर की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने डेरा बाबा रूद्रानंद परिसर में नवनिर्मित लंगर शेड का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने परिवार सहित बहा पर माथा भी टेका और बाबा रुद्रा नंद महाराज का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
इस अवसर मीडिया से रूबरू होते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों का उत्थान करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू संस्कृति के संरक्षण हेतू मंदिरों के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि डेरा बाबा रूद्रानंद स्थल महाराज सुग्रीवानंद की वर्षों की तपस्या, लगन व परिश्राम का ही प्रतिफल है कि इस समागम से इतने लोगों की आस्था जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सुग्रीवानंद महाराज जी एक ऐसा व्यक्तित्व है जो चारों वेदों, 18 पुराणों और छः दर्शनों के ज्ञाता हैं।
उन्होंने कहा कि साधू महात्मा तो काफी मिल जाएंगे लेकिन ऐसे परम ज्ञानी व्यक्ति कम ही मिलते हैं। महाराज ने अपना पूरा जीवन इस डेरे के लिए समर्पित कर लाखों लोगों को इस धार्मिक स्थल से जोड़ा हैं। उन्होंने महाराज जी ने हरिद्वार, दिल्ली व अमलैहड़ बडे़ आश्रमों में भी पूरी लगन व मेहनत के साथ श्रद्धालुओं के लिए सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई हैं। उन्होंने सुग्रीवानंद महाराज की दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि लोगों की जितनी आस्था डेरे और धूने में है उतनी ही आस्था महाराज में है। उन्होंने युवाओं से भी आह्वान किया कि वे भी धार्मिक आस्थाओं से जुडे़।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ईश्वर की भक्ति में महाराज से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महाराज की उन पर पूरा आशीर्वाद रहता हैं। जब भी कभी उन्हें कोई समस्या आती है तो महाराज जी का आशीर्वाद लेने बाबा डेरा पहुंच जाते हैं। उन्होंने लोगों से भी आह्वान किया कि वे अपनी पूंजी का कुछ हिस्सा मानवता की सेवा और धार्मिक कार्यों में अवश्य लगाएंगे।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए भव्य मंदिर बनाया जा रहा हैं। श्रद्धालुओं को सुगमता से माता श्री चिंतपूर्णी के दर्शन हो सके इसके लिए सुगम दर्शन प्रणाली की व्यवस्था की गई हैं। उन्होंने बताया कि इसी प्रणाली के तहत 100 के भीतर माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर को लगभग एक करोड़ रूपये की आय हुई हैं। इसके अतिरिक्त माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में 76 करोड़ रूपये की राशि रोपवे निर्माण के लिए स्वीकृत की गई हैं। उन्होंने कहा कि डेरा बाबा रूद्रानंद में श्रद्धालुओं के लिए भी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग मंदिरों का उन्होंने दौरा किया है कई जगह मंदिरों की हालत काफी अच्छी नहीं हैं। हिमाचल के मंदिरों में करोड़ रूपया और सोना जमा है इन मंदिर का उचित रख रखाव करना भी बहुत जरूरी हैं।
