मनमिन्दर अरोड़ा/कुल्लू: जिला पुजारी संघ की जिला कार्यकारिणी की बैठक गौड निवास कुल्लू में आयोजित हुई। बैठक में दशहरा पर्व के दौरान होने बाली महाआरती व पुजारियों के महासम्मेलन के बारे चर्चा हुई व रणनीति तैयार की गई। बैठक के बाद उपायुक्त को इसके बारे ज्ञापन भी सौंपा गया। इस अवसर पर पुजारी कल्याण संघ के अध्यक्ष धनी राम चौहान ने कहा कि सरकार व जिला प्रशासन द्वारा देवी-देवताओं के पुजारियों की लगातार अनदेखी को लेकर पुजारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि पुजारी देव संस्कृति का अहम अंग है। उन्होंने जिला भर के सभी पुजारियों व उनके परिवार को आश्वासन दिया कि उनके साथ जो भेदभाव किया जा रहा है वह सहन नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि पुजारी देव संस्कृति का एक अहम हिस्सा है और पुजारियों के बीना देवी-देवता का हर कार्य असंभव है। फिर भी यह सरकार पुजारियों के साथ भेदभाव कर रही है जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि पुजारी कल्याण संघ का देव सदन में भव्य कार्यालय होना चाहिए और शोध संस्थान की भी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देव संस्कृति से जुड़ी हर बैठक में पुजारियों का सम्मान होना चाहिए और दशहरा कमेटी में भी संघ के प्रतिनिधि आमंत्रित होने चाहिए और दशहरा कमेटी के सदस्य बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि देवसदन देवी-देवताओं के लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया है लेकिन यहां विभाग ने अपना कब्जा जमा रखा है और देवी,-देवताओं के लोगों के लिए कोई सुविधा नहीं मिल रही है।
पुजारियों के लिए न तो कार्यालय दिया जा रहा है और न ही मीटिंग व शोध कार्य के लिए देव स्थान दिया जा रहा है। पुजारियों को यदि अपना कोई कार्यक्रम देवसदन में करना होता है तो उनसे वहां बैठने का भी 12000 रुपए किराया लिया जा रहा है जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार से जो देवी-देवताओं की पूजा अर्चना के लिए सालाना धन आ रहा है यह धन सभी देवी-देवताओं को मिलना चाहिए और यह धन सीधा पुजारियों के खाते में आना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने पुजारी कल्याण संघ द्वारा निकाली जा रही स्मारिका के प्रकाशन के लिए भी चर्चा हुई। इस अवसर पर संघ के प्रधान धनी राम चौहान ने बताया कि जिला के देवी-देवताओं के इतिहास पर पुजारी कल्याण संघ एक स्मारिका प्रकाशित कर रहा है।
