मंडी :धर्मवीर (TSN)- 8 फरवरी की तारा रात्रि से चल रहे बाबा भूतनाथ के अद्भुत माखन रूपी श्रृंगार के दुसरे दिन बाबा भूतनाथ ने मेरठ स्थित पुरा महादेव के रूप में श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। छोटी काशी में पुरा महादेव के दर्शन करने को लेकर दिनभर भक्तों का सैलाब उमडा रहा।
बाबा भूतनाथ के महंत देवानंद सरस्वती ने कहा कि पुराणों के अनुसार समुद्र मंथन से निकले विष को पीने के कारण भगवान शिव का कंठ नीला हो गया और वे नीलकंठ कहलाए। विष के प्रभाव को खत्म करने के लिए भगवान शिव के परम भक्त रावण ने कांवड़़ में जल भरकर बागपत स्थित पुरा महादेव में भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। यहां से ही कावड़ यात्रा की परंपरा की शुरुआत हुई हैं।बता दें कि मंडी शहर के अधिष्ठाता बाबा भूतनाथ को माखन लेप चढ़ाने की परंपरा का इतिहास सदियों पुराना है। मान्यता है कि मक्खन लेप चढ़ाने की परंपरा 1527 ईण् से मंडी नगर की स्थापना से चली आ रही है। इस बार शिवरात्रि महोत्सव 8 मार्च को मनाया जा रहा है। शिवरात्रि से ठीक एक माह पहले बाबा भूतनाथ मठ मंदिर में घृत मंडल श्रृंगार की रस्में शुरू हो जाती हैं। इस दौरान बाबा का जलाभिषेक नहीं किया जाता
