By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Reading: सिर्फ तुमसे ही फासले निकले, वरना सबसे राब्ते निकले, युवा शायर जावेद उल्फत की शायरी ने बांधा समा
Share
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Search
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
© 2022 Dawn News Network Pvt Ltd. | News Media Company | All Rights Reserved.
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > himachal > सिर्फ तुमसे ही फासले निकले, वरना सबसे राब्ते निकले, युवा शायर जावेद उल्फत की शायरी ने बांधा समा
himachalpoliticalReligion

सिर्फ तुमसे ही फासले निकले, वरना सबसे राब्ते निकले, युवा शायर जावेद उल्फत की शायरी ने बांधा समा

admin
admin 3 Min Read
Updated 2022/11/28 at 6:09 PM
Share

नाहन/देवेन्द्र कुमार: सिर्फ तुमसे ही फासले निकले, वरना सबसे राब्ते निकले.., हमसे इकरार हो नहीं पाया, दूध के हम जले हुए निकले.., युवा शायर जावेद उल्फत की इस गजल ने महफिल में खूब वाह वाही लूटी। मौका था रश्मि प्रकाशन साहित्यिक संस्था नाहन की ओर से शहर में आयोजित जिला स्तरीय कवि सम्मेलन का। इस सम्मेलन में दो दर्जन कवियों ने कविता पाठ किया। मंच संचालन में भुवन जोशी ने चार चांद लगाए। महिला कवि विजय रानी बंसल ने हर तरफ बस आदमी आया नजर, न हमें कोई यहां इन्सां मिला.., सरला गौतम ने खुशियों को मैने मन में लिख डाला.., शबाना सैय्यद ने बंधी है हाथों में सभी के घड़ियां.., कविता पेश की।

भुवन जोशी ने रंग नहीं, उमंग नहीं, उल्लास नहीं कोई, ऐसे जीवन में तो विश्वास नहीं कोई.., से रंग जमाया। सुनीता भारद्वाज ने मुझे अनजान लोगों से कभी भी डर नहीं लगता.., धनवीर सिंह परमार ने केवट में हौंसला हो तो राम चले आते हैं.., डा. राजन कौशल ने भीगी हुई ऊपर से नीचे, पानी टप टप करता था, टूटी चप्पल एक हाथ में, पांव से खून निकलता था.., से तालियां बटोरीं। दीन दयाल वर्मा ने पर्वत पर न बदली बरसी, मधुर स्वपन में नदी खोई, जंगल बहुत जोर से रोया, जवान पेड़ कटा जब कोई.., से प्रकृति के विनाश कर दर्द प्रकट किया।

दीप चंद कौशल ने कब रोक सकी हैं बाधाएं, एकलव्य से वीरों को, अंगूठा कट जाने पर भी उंगलियों से छोड़ता तीरों को.., माजरा से आई शबनम शर्मा ने नहीं खिलनी मुझे कविता.., प्रभात कुमार ने पीले को नीला कहते, गजब तुम्हारी खुराफात है.., सैनवाला से आए वरिष्ठ कवि चिर आनंद ने लोहे की दीवार मैं शीशे से तोड़ दूं.., सारे जहां के दर्द मैं पीलूं निचोड़ दूं.., अनमोल शर्मा रतन ने माना की तैयार नहीं हूं मैं, यकीन मानो बेकार नहीं हूं मैं.., डा. राम गोपाल वर्मा ने सुगंध ही सुगंध बिखरी है हर उपवन.., कविता पेश की। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ महिला कवि शबनम शर्मा ने की। जबकि दीप चंद कौशल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

TAGGED: Javed Ulfat, poetry, young poet
admin November 28, 2022
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print
Previous Article परीक्षा परिणाम से नाराज छात्रों का रोष जारी, नाहन में ABVP का प्रदर्शन
Next Article इस बच्चे की पहचान तिब्बती बौद्ध धर्म के निंगमा स्कूल के प्रमुख के चौथे पुनर्वतार के रूप में हुई
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Browse by Category
  • Accident
  • Business /Employement
  • crime
  • education
  • election
  • festival
  • health
  • himachal
  • News
  • political
  • political
  • Religion
  • Sports
  • Uncategorized
  • weather
  • शख़्सियत

You Might Also Like

कटोच वंश का इतिहास हजारों वर्ष पुराना, नए साक्ष्यों के संकलन पर जोर

Ago

गर्मी बढ़ते ही जल शक्ति विभाग सतर्क, उपभोक्ताओं से बेहतर संवाद के निर्देश जारी

Ago

जनसमस्याओं के समाधान के लिए भरवाईं पहुंचे विधायक, विकास कार्यों को मिली रफ्तार

Ago

हिमाचल में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सत्ती का प्रहार, ऊना की घटनाओं को बताया गंभीर संकेत

Ago

1058, Mall Enclave, DAYAL NAGAR,
Ludhiana, Punjab 141001

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?