सोलन : योगेश शर्मा- लंपी वायरस के मामलों ने हिमाचल प्रदेश में गौवंश को अपना शिकार बनाया है, हजारों की संख्या में पशु इसकी चपेट में आए। सोलन जिला में भी अगस्त माह में लंपी वायरस का मामला सामने आया था, लेकिन आज जिला में एक भी लंपी वायरस का मामला एक्टिव नहीं है। पशुपालन विभाग सोलन के उपनिदेशक डॉ बी.बी. गुप्ता का कहना है कि अगस्त माह में जिला सोलन में पहला मामला सामने आया था।
18500 पशु हुए थे जिला में ग्रसित,1650 की हुई मृत्यु
अब तक जिला में 18500 मामले ऐसे थे, जो लंपी वायरस से ग्रसित हुए थे। जिसमें से 1650 पशुओं की मौत हुई है और बाकी पशु जिला में ठीक हो चुके। उन्होंने कहा कि जैसे ही लंपी वायरस का मामला जिले में सामने आया था उसको लेकर पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया था। उन्होंने बताया कि समय-समय पर वैक्सीनेशन किए जाने पर जिला में आज एक भी लंपी वायरस का मामला एक्टिव नहीं है।
डॉ बी.बी. गुप्ता ने कहा कि एक सप्ताह से जिला में कोई भी लंपी वायरस का मामला सामने नहीं आया है । उन्होंने कहा कि लंपी से बचाव को लेकर विभिन्न कैंपों का आयोजन पशुपालन विभाग द्वारा किया गया । रैपिड रिस्पांस टीमें भी जिला में बनाएगी। आज जिला इन मामलों से मुक्त हो चुका है।
अबतक 65000 पशुओं का किया जा चुका है वेक्सिनेशन
जिला में लंपी वायरस के मामलों पर रोकथाम लगाने के साथ-साथ जिला में पशुपालन विभाग पशुओं का वैक्सीनेशन भी किया जा रहा है। जागरूकता शिविर आयोजित करने के साथ-साथ अब तक रेड कारपेट वैक्सीनेशन बॉर्डर एरिया पर विभाग द्वारा की जा चुकी है। जिसमें बॉर्डर पर सभी पशुओं का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। अब तक जिला में 65000 पशुओं का वेक्सिनेशन विभाग कर चुका है और आगामी दिनों में भी यह कार्य जारी रहने वाला है।
