संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश की वित्तिय स्थिति कमजोर होने के कारण सरकार आर्थिक संकट से जूझ रही हैं इसके चलते सरकार ने चिकित्सकों के लिए एनपीए (नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस) की सुविधा बंद बंद कर दी हैं। राज्य सरकार ने नए भर्ती होने वाले एलोपैथी, डेंटल, आयुष और वेटरनरी डॉक्टर्स का एनपीए बंद कर दिया हैं। इस बाबत प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई हैं। सरकार की ओर से तो यह फ़ैसला ले लिया गया है लेकिन अब एनपीए बंद करने के निर्णय का आईजीएमसी सीसीएससीए ने विरोध जताना शुरू कर दिया हैं।
गुरुवार को सरकार के NPA बंद करने के निर्णय को लेकर आपातकालीन बैठक का आयोजन किया गया जिसमें इस निर्णय का विरोध किया गया।IGMC सीएससीए अध्यक्ष शिखिन सोनी ने कहा कि सरकार ने जो एनपीए बंद किया हैं सीएससीए इस निर्णय का विरोध करती हैं। सरकार का यह निर्णय चिकित्सकों के हित में नहीं हैं। यह निर्णय चिकित्सकों का मनोबल तोड़ने वाला हैं। उन्होंने कहा कि इस निर्णय को लेकर अन्य मेडिकल कॉलेज के पदाधिकारियों से भी बात की गई और सभी ने इसका विरोध किया हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द से जल्द इन निर्णय को वापिस ले अन्यथा आने वाले समय मे सभी लामबद्ध होकर इस निर्णय का विरोध करेंगे।
