मंडी : धर्मवीर – मंडी जिला के एचआरटीसी चालक सोहनलाल अपने प्राण त्यागने से पहले एक मिसाल कायम कर गए हैं। दिवंगत सोहनलाल ने 40 यात्रियों से भरी मंडी-सराची रूट पर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस को बागाचनौगी में सुरक्षित खड़ा कर बाद में हृदयाघात से जिंदगी की जंग हार गए।
सोहनलाल को सैनिक की तरह दी विदाई
बस में मौजूद परिचालक द्वारा आनन-फानन में सोहनलाल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर द्वारा उन्हें मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर कर दिया। लेकिन इसी दौरान सोहनलाल द्वारा रास्ते में ही दम तोड़ दिया गया। वहीं निगम द्वारा भी प्रदेश में पहली बार किसी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके शव को एक सैनिक की तरह सम्मान देते हुए बस को फूल मालाओं से सजाकर उनके पैतृक घर पहुंचाया गया। सोहनलाल उपमंडल गोहर के गांव डडोह के रहने वाले थे और वे अपने पीछे माता-पिता,पत्नी और तीन मासूम बेटियां छोड़ गए हैं।
वही, एचआरटीसी कर्मचारियों द्वारा प्रदेश सरकार से चालकों की संख्या बढ़ाने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अपील भी की गई है। एचआरटीसी इंटक सुंदरनगर ईकाई के महासचिव धनीराम ने कहा कि चालकों द्वारा निर्धारित 8 घंटे की ड्यूटी के उपरांत ओवरटाइम करने से उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। धनीराम ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि एचआरटीसी में चालकों की अधिक भर्ती की जाए। इससे जहां युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान होगें वहीं एचआरटीसी में कार्यरत चालकों पर भी ओवरटाइम करने का कम दबाव रहेगा।
इस जांबाज चालक की मृत्यु पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी महासचिव चेतराम ठाकुर,सचिव जगदीश रेड्डी, प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग चेयरमैन विजय पाल सिंह,जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष तरूण ठाकुर ने शोक व्यक्त किया है।
