मंडी/परी शर्मा: सीटू का दो दिविसिय 14वां राज्य सम्मेलन मंडी में शुरू हुआ। जिसमें सीटू से जुड़ी 65 यूनियनों के तीन सौ प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का उदघाटन सीटू के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सांसद तपन सेन ने किया। उन्होंने कहा कि देश गंभीर हालत से गुजर रहा है। जिसमें सरकार की विनाशकारी नीतियों के कारण एक तरफ जनता महंगाई व बेरोजगारी से परेशान है तो दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था संकट में है। रोजगार बढ़ने के बजाए कम होते जा रहे हैं।केंद्र की मोदी सरकार लगातार मजदूर, किसान और आमजनता विरोधी नीतियां लागू कर रही है। सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण आज हमारे देश की सम्पत्तियां मुठी भर पूंजीपतियों को लुटाई जा रही है जिसका परिणाम ये है कि अडानी आज दुनियां का दूसरे नंम्बर का धनवान बन गया है जबकि गरीबी में हम नाइजीरिया से भी नीचे चले गए हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र को पूंजीपतियों को कौड़ियों के भाव बेचा
पूर्व सांसद तपन सेन ने कहा कि मोदी सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र को राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाईपलाईन योजना के नाम पर अपने मित्र पूंजीपतियों को कौड़ियों के भाव बेचने की नीति लागू की है।रेल, कोयला ,हवाई जहाज, बैकं, बीमा क्षेत्र के साथ साथ अब तो सरकार ने फौज में सैनिकों की भर्ती को भी पार्ट टाइम आधार पर शुरू कर दिया, जिसके चलते अब अग्निवीर भर्ती किए जाएंगे।सरकार सभी प्रकार के रोजगार स्थायी के बदले पार्ट टाइम और कांट्रेक्ट पर उपलब्ध कराने की नीति लागू कर रही है। सरकार ने मज़दूरों के हकों की रक्षा के लिए बने श्रम कानूनों को पूंजीपतियों और बड़ी कारपोरेट घरानों के पक्ष में बदलने का फैसला लिया है। जिसका सीटू और अन्य मज़दूर संगठन विरोध कर रहे हैं।
भाजपा कार्यकाल में धर्म व जाति के आधार पर बंटवारा बढ़ा
मोदी सरकार आज़ादी के 75वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित किए जा रहे अमृत महोत्सव के नाम पर समाज में जहर घोल रहे। इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।इस सरकार के कार्यकाल में धर्म व जाति के आधार पर बंटवारा बढ़ा है और महिलाओं और दलितों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रहे हैं। इसलिए इन विनाशकारी नीतियों को लागू होने से रोकने का एक ही मंत्र है कि मजदूर, किसान, कर्मचारी और अन्य मेहनतकश जनता को संगठित होकर इस सरकार के ख़िलाफ़ संघर्ष तेज करना होगा।हमें जनता को इस सरकार की जनविरोधी नीतियों के बारे जागरुक करने की बहुत ज्यादा जरूरत है।
