मंडी/परी शर्मा: हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नामांकन के बाद सभी पार्टी के प्रत्याशी चुनावी प्रचार में जुट गए हैं। बात अगर द्रंग विधानसभा क्षेत्र की करें तो इस बार मुकाबला गुरु और चेले के बीच का है। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी कौल सिंह ठाकुर है और भाजपा से प्रत्याशी पूर्ण चंद ठाकुर है जिन्होंने 2017 का चुनाव निर्दलीय लड़ा था और कौल की हार में अहम भूमिका निभाई थी। वही ठाकुर द्रंग विधानसभा क्षेत्र से 8 बार विधायक रह चुके हैं।
हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर 12 नवंबर को मतदान होना है। 25 अक्तूबर को नामाकंन प्रक्रिया सम्मपन्न हो चुकी है और अब सभी पार्टी के प्रत्याशी चुनावी प्रचार में जुट चुके है। बात अगर द्रंग विधानसभा क्षेत्र की करें तो यहां इस बार मुकाबला गुरु और चेले के बीच है। यहां से 8 बार विधायक रह चुके कौल सिंह ठाकुर कांग्रेस प्रत्याशी है और भाजपा से प्रत्याशी पूर्ण चंद ठाकुर है, जिन्होंने 2017 का चुनाव निर्दलीय लड़ा था और कौल सिंह की हार में अहम भूमिका निभाई थी।
पूर्ण चंद ठाकुर, कौल सिंह ठाकुर के काफी करीबी थे लेकिन इस बार दोनों के दूसरे के प्रतिद्वंदी है। द्रंग में इस बार मुकाबाला जहां कांटे की टक्कर का है। वही ये मुकाबला रोचक भी होगा। बात अगर कौल सिंह ठाकुर की करे तो वो मौजूदा समय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है वे कई बार मंत्री भी रह चुके है। अपनी प्रतिद्वंदी को लेकर वे कह चुके है कि इस बार चुनावी मुकाबाला काफी आसान है और वे भारी मतों से जितेगें। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि भाजपा के पास कोई नेता नहीं रहा है। भाजपा कांग्रेस के नेता को टिकट दे रही है ,वो भी उसे टिकट दिया गया है जिसे उन्होंने होने ट्रेनिंग दी है।
भाजपा प्रत्याशी पूर्ण चंद ठाकुर ने कौल सिंह ठाकुर पर तंज कसते हुए कहा कि जिसने 40 साल इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वो आरोप लगा रहा है कि जयराम ठाकुर ने कोई कार्य नही किया लेकिन वे भाजपा के 5 साल का कार्य देखें और अपने 40 वर्षो में कितने काम करवाए वो देखे। उन्होंने कहा कि कौल सिंह ठाकुर ने हमेशा मुख्यमंत्री के नाम पर चुनाव लड़ा है और वोट मांगे है। मुख्यमंत्री जनता बनाती है वो सीएम तब बनेगे जब द्रंग से जितेगा। विधानसभा चुनाव 2022 का चुनावी मुकाबला कड़ा है। द्रंग विधानसभा से जनता किसको जिताएगी ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन दोनों नेता अपने पक्ष में मतदाताओं को रिझााने में जुट चुके हैं और गांव-गांव जाकर प्रचार में जुटे हैं।
