Mandi, 9 October-देवभूमि हिमाचल प्रदेश में नशे का जाल अब बच्चों और किशोरों तक पहुँच चुका है। जिला मंडी से आई जानकारी ने सभी को चिंतित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग मंडी के अनुसार, अब 12 से 13 वर्ष की आयु के बच्चे भी बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू जैसे नशे के उत्पादों की लत में फँस रहे हैं। विभाग की ओर से बताया गया कि यह प्रवृत्ति खासकर स्लम एरिया और कुछ स्कूलों में अधिक देखने को मिल रही है।
देशभर में चल रहे “तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0” के तहत आज मंडी में भी जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। सेरी मंच से निकाली गई इस रैली को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में शामिल स्कूली बच्चों ने नशे से दूर रहने और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली शर्मा ने बताया कि विभाग को ऐसे कई मामले मिल रहे हैं जहाँ बेहद कम उम्र के किशोर नशे की चपेट में आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि बीड़ी-सिगरेट जैसे उत्पादों से शुरुआत करने वाले कई युवा आगे चलकर चरस, चिट्टा, शराब और अन्य नशों की ओर बढ़ रहे हैं।
जिला में 400 संस्थान होंगे नशा मुक्त घोषित
डॉ. शर्मा ने बताया कि यह अभियान 9 अक्तूबर से 8 दिसंबर तक चलेगा। दो माह के इस विशेष अभियान का उद्देश्य युवाओं को तंबाकू सेवन से रोकना, इसे छोड़ने की इच्छा रखने वालों की मदद करना और शिक्षण संस्थानों में स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।स्वास्थ्य विभाग ने इस दौरान मंडी जिले के लगभग 400 शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए स्कूलों के प्रधानाचार्य और अध्यापकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन की टीमें नशे को बढ़ावा देने वाले स्थानों पर विशेष अभियान और दबिश भी चलाएंगी।
