अरविंदर सिंह,हमीरपुर: प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते हालत बिगड़ते जा रहे हैं। जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रहे हैं। घर के पीछे की पहाड़ियां और डंगे तक बारिश के चलते गिर रहे हैं जिससे जान-माल का भारी नुकसान प्रदेश भर में हो गया हैं। वहीं हमीरपुर जिला में रविवार रात हुई भारी बारिश के चलते सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा हैं। बारिश के चलते हमीरपुर जिला में विभिन्न मार्ग भूस्खलन के चलते बाधित हुए हैं जिन्हें खोलने के लिए जेसीबी के माध्यम से पीडब्ल्यूडी विभाग काम कर रहा हैं ।
हमीरपुर मुख्यालय के समीप भारी बारिश के चलते उपायुक्त हमीरपुर के निवास की रिटेनिंग वॉल भी गिर गई हैं। इसके साथ ही भूस्खलन के चलते एक मकान पूरी तरह मलबे के नीचे दब गया हैं। हमीरपुर जिला मुख्यालय के साथ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन के चलते कई गाड़ियां मलबे की चपेट में आने के चलते नाले के नीचे पहुंच गई हैं। तो वहीं सैकड़ो चीड़ के पेड़ गिरने के चलते मार्ग बाधित हो गया हैं।भूस्खलन के चलते साथ लगते निजी व सरकारी मकान को भी खतरा पैदा हो गया हैं।
स्थानीय निवासी अजय शर्मा ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे भारी बारिश के चलते भूस्खलन शुरू हो गया था। उन्होंने बताया कि इसके चलते सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है और कुछ गाड़ियां अब भी नाले में फंसी हुई हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन की मदद से सड़क को खुलवाने का काम भी किया जा रहा हैं।
हमीरपुर राजकीय महाविद्यालय के नजदीक भारी भूस्खलन के चलते एक मकान पूरी तरह से मलबे के नीचे आने से मकान को भारी नुकसान पहुंचा हैं। गनीमत यह रही भूस्खलन की आवाज आते ही घर में रह रहे लोगों ने बाहर का रुख कर लिया जिसके चलते जान माल का नुकसान नहीं हुआ हैं। अभिजीत ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह के समय करीब 4 बजे भारी बारिश के चलते उनके घर के पीछे से भारी भूस्खलन हुआ जिसके चलते करीब 50 मीटर दूरी पर स्थित एक मकान पूरी तरह मलबे में ढक गया हैं।
उन्होंने बताया कि देर रात से शुरू हुई इस बारिश के चलते उनकी दुकान के पीछे बनाए गए टैंकों को भी नुकसान पहुंचा हैं। हमीरपुर मुख्यालय में उपायुक्त निवास स्थान की रिटेनिंग वॉल भी भारी बारिश के चलते गिर गई है जिसके चलते उपायुक्त निवास स्थान के साथ चीड़ के लगभग 10 से 15 पेड़ हमीरपुर सुजानपुर मार्ग पर आ गिरे जिसके चलते मार्ग भी काफी देर तक बाधित रहा हैं। मौके पर वन विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग के कर्मियों की ओर से पेड़ों को हटाने का काम किया जा रहा हैं जिसके बाद मार्ग को आवाजाही के लिए खोला जाएगा।
