संजीव महाजन,नूरपुर: विधानसभा इंदौरा में पौंग डैम से ज्यादा पानी छोड़े जाने से आसपास के क्षेत्र भी जलमग्न हो रहे हैं। ग्राम पंचायत सुरड़बा,घंण्डरा सनौर में व्यास नदी के किनारे रहने वाले किसानों की व्यास नदी का जल स्तर बढ़ने से सैकड़ों कनाल भूमि पर लगाई गई धान,बाजरा,मक्का,तिलहन,लौकी और हरी मिर्च,कद्दू आदि की फसल तबाह हो गई हैं। इसके साथ ही यह पानी परिवारों के घरों के लिए खतरा बना हुआ हैं ।
सुरड़बा पंचायत सदस्य व किसान गोविंद सिह ने बताया की उन्होंने 40 कनाल भूमि पर कद्दू की फसल लगाई है जिसको वह मई महिने से तैयार कर रहे थे जो अब पानी आने से तबाह हो गई हैं। उन्होंने बताया की उनके साथ लगभग 30 किसानों ने भी यहां पर लगभग 500 कनाल भूमि पर हरी मिर्च, कद्दू आदि सब्जियों की बुआई की थी जो अब पानी की भेंट चढ़ने वाली हैं। अब फसलों का नुकसान होने से उनके माथे पर शिकन आने लगी हैं। ये लोग दो-तीन दिन बाद सब्जियों की फसलों को काटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन जलस्तर बढ़ने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया हैं।
हेमंत सिह ने कहा कि मैंने नौकरी छोडकर पोल्ट्रीफार्म का काम किया था। व्यास नदी का पानी मेरे पोल्ट्रीफार्म के पास पहुंच गया हैं जैसे कि बताया जा रहा है कि अभी और पानी छोड़ा जाएगा इससे तो मुझे बहुत नुकसान हो जाएगा । मेरे फार्म में सात हजार मुर्गा तैयार हैं पर पानी ज्यादा मात्रा में छोड़ने के कारण नुकसान होता नजर आ रहा हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि बरसात के कारण जलस्तर इतनी जल्दी बढ़ जाएगा।
एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि हमें उपप्रधान के माध्यम से सूचना मिली थी का एक गांव में एक परिवार पानी की वजह से खतरे में आ गया हैं। पानी लेवल बहुत ज्यादा हैं और उनके घर को खतरा हैं। तो हम तुरंत एनडीआरएफ की टीम सहित फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर रेस्क्यू करने के लिए पहुंचे। रेस्क्यू टीम ने स्थानीय निवासी सुभाष चंद्र, पुत्र ज्ञानचंद,सुभाष की पत्नी सीमा देवी, बेटा अमन शर्मा, बेटी अंजू शर्मा और बकरियों सहित 2 भेड़ों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया हैं। हमने परसों भी रेस्क्यू ऑपरेशन करके लोगों को निकाला हैं। हमने इन लोगों के रहने के प्रबंध भी किए हैं।
