विकास शर्मा, चिंतपूर्णी: हिमाचल प्रदेश के विश्वविख्यात शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के धाम में आज अष्टमी पर्व बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। मां चिंतपूर्णी के मंदिर में पुजारियों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर अष्टमी की विशेष पूजा-अर्चना की। वहीं अष्टमी के दिन भक्तों की भी भीड़ मां चिंतपूर्णी के दरबार में लगी रही। मंदिर के हवन कुंड में मंदिर के मुख्य पुजारी रविंद्र छिंदा, संदीप कालिया,अजय कालिया,जीवन प्रकाश,भूषण कालिया समेत अन्य पुजारियों ने आहुतियां डाल कर मां चिंतपूर्णी से सभी भक्तों की रक्षा करने के साथ ही वैश्विक महामारी कोरोना के खात्मे की भी प्रार्थना की।
मंदिर के मुख्य पुजारी रविंद्र छिंदा ने बताया कि दुर्गा अष्टमी के दिन मंदिर में सभी पुजारियों की ओर से विशेष पूजा की जाती है वही मां चिंतपूर्णी से देश और विदेश में रहने वाले सभी भक्तों की सुख समृद्धि और देश तथा देशवासियों की शांति और मंगल कामना के लिए प्रार्थना की जाती है।
आज अष्टमी के दिन मंदिर न्यास के वित्त अधिकारी शम्मी राज ने भी माता जी के चरणों में नतमस्तक होकर माता रानी का आशीर्वाद लिया। इस मौके पर आचार्य डॉ. राम कुमार कौल ने वित्त अधिकारी से हवन में आहुतियां डलवाई ओर पूजा अर्चना करवाई। वित्त अधिकारी इसके उपरांत अष्टमी पूजन में शामिल हुए।
अष्ठमी ओर मां को दी गई नारियल की बल
दुर्गा अष्टमी के दिन मां चिंतपूर्णी के गर्भगृह में पुजारी माता रानी को नारियल की बलि देते है।इस दिन माता रानी को तीन पहर का स्नान और श्रृंगार करवाने के साथ ही आरती की जाती है। सभी पुजारी इस दिन माता रानी के चरणों में हाजिरी लगाते हैं और विशेष पूजा अर्चना मंदिर में की जाती है।
