Mandi, Dharamveer-:देश में खेती की उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि में उपयोग होने वाले बीज, खाद और अन्य इनपुट्स की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में भारतीय खाद्य एवं कृषि परिषद (Indian Council of Food and Agriculture) सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। यह जानकारी परिषद के महानिदेशक और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी तरूण श्रीधर ने मंडी में दी।
मंडी में आयोजित एक समारोह में शिरकत करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए तरूण श्रीधर ने बताया कि भारतीय खाद्य एवं कृषि परिषद एक स्वायत्त संस्था है, जो खाद्य और कृषि क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकारों को नीतिगत सुझाव देती है। परिषद के चेयरमैन पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु हैं और हाल ही में उन्हें परिषद का महानिदेशक नियुक्त किया गया है।तरूण श्रीधर ने कहा कि वर्तमान समय में परिषद कृषि विपणन सुधार, जेनेटिकली मॉडिफाइड (जीएम) फसलों, टिकाऊ खेती और कृषि में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों की गुणवत्ता जैसे विषयों पर गहन अध्ययन कर रही है। विशेष रूप से किसानों तक पहुंचने वाले बीज और खाद की गुणवत्ता में सुधार पर फोकस किया जा रहा है, ताकि नकली और घटिया उत्पादों से किसानों को होने वाले नुकसान को रोका जा सके। आने वाले समय में इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम देशभर में देखने को मिलेंगे।उन्होंने बताया कि बेहतर गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट्स न केवल उत्पादन बढ़ाएंगे, बल्कि खेती की लागत कम करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होंगे।
गौरतलब है कि तरूण श्रीधर हिमाचल कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे हैं। वे केंद्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग में सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए। अपने प्रशासनिक करियर के दौरान वे मंडी में लगभग पौने चार वर्षों तक उपायुक्त (डीसी) के पद पर कार्यरत रहे। मंडी से उनका गहरा जुड़ाव आज भी बना हुआ है और स्थानीय लोग उन्हें सम्मानपूर्वक आमंत्रित करते हैं। हाल ही में भारतीय खाद्य एवं कृषि परिषद के महानिदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति को कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
