राकेश,ऊना: प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए बंगाणा आईटीआई में रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का शुभारंभ ग्रामीण विकास व पंचायती राज, कृषि, पशुपालन तथा मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने की। रोजगार मेले में रोजगार पाने की चाह में हजारों की संख्या में युवा उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा की बेरोजगारी की चुनौती से निपटने के लिए प्रदेश व केंद्र सरकार कौशल विकास ओर रोजगार उन्मुखी शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना ओर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जैसी योजनाओं संचालित की जा रही है, ताकि युवा पीढ़ी आत्मनिर्भर बन सके। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के युवाओं में कौशल विकसित करने के उद्देश्य से कौशल विकास भत्ता योजना के तहत 1000 रुपए प्रतिमाह ओर 50 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांग आवेदक को 1500 रुपए प्रति माह की दर से 2 वर्ष के लिए कौशल विकास भत्ता प्रदान किया जा रहा है। यही नहीं, उद्योगों में काम करने वाले हिमाचली कामगारों को भी नौकरी के दौरान 2 वर्ष के लिए कौशल विकास भत्ता प्रदान किया जा रहा है।
वीरेंद्र कंवर ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालने के पश्चात प्रदेश में विभिन्न प्रकार के निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है, जिसके तहत औद्योगिक निवेश के अलावा पर्यटन सहित अन्य क्षेत्रों में भी प्रदेश के भीतर करोड़ों रुपए का निवेश हुआ है। ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए लगभग एक लाख करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुए है। दो बार हुई ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान 25 हजार करोड़ रुपए के निवेश को अमलीजामा पहनाया गया है। सरकार के इन प्रयासों से हजारों की संख्या में प्रदेशवासियों को प्रदेश के भीतर रोजगार के अवसर हासिल हुए है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि निकट भविष्य में कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के गांव लंमलैहड़ी, चताड़ा, अजनोली, डंगोली, कमून तथा हंडोला इत्यादि गांव को भी औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल किया जाएगा, ताकि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में भी लोगों को उनके घर-द्वार के नजदीक ही रोजगार प्रदान किया जा सके।
725 युवाओं को मिला रोजगार
रोजगार मेले में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 60 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया। मेले में 1500 से अधिक युवक-युवतियों ने नौकरी के लिए पंजीकरण करवाया, जिनमें से 725 लोगों को विभिन्न कंपनियों ने अलग-अलग पदों के लिए नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
