मंजूर पठान, चंबा: आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने के बाद भी भले ही सरकारों की ओर से विकास के दावे किए जाते हैं। विकास की बड़ी बड़ी गाथाएं पढ़ी जाती है लेकिन सच यह है कि आज भी प्रदेश के चंबा जिला के चुराह विधानसभा क्षेत्र की दो पंचायतों भावला और कलहेल सड़क सुविधा से महरूम हैं। इन गांवों तक अभी भी सड़क नहीं पहुंच पाई हैं, जिसके चलते यहां के सैकड़ों गांव के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों पंचायतों की आबादी 3800 से अधिक है लेकिन उक्त दोनों पंचायतों में एक 1 किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ है, जबकि इन दोनों पंचायतों के 2 दर्जन से अधिक गांव में सड़क सुविधा नहीं पहुंच पाने के चलते लोगों को 8 से 10 किलोमीटर का पैदल सफर तय करके सड़क तक पहुंचना पड़ता है। जब भी चुनाव आते हैं तो चुनाव के नजदीक सभी पार्टियों के लोग वायदे करते हैं लेकिन सड़क सुविधा नहीं मिलती है।
इन लोगों को रोजमर्रा का सामान और बीमारों को उठाने के लिए 10 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है। इसके साथ ही स्कूली बच्चों को 12वीं की पढ़ाई करने के लिए भी इतना ही सफर तय करके राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के कलहेल पहुंचना पड़ता है। अब लोगों को नई सरकार से उम्मीद है और लोगों ने नई सरकार से मांग करते हुए कहा है कि इन गांवों को सड़क सुविधा के साथ जोड़ने का प्रयास किया जाए ताकि यहां के लोगों की परेशानी कम हो सके। वहीं दूसरी और स्थानीय लोगों का कहना है कि आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी हमारे ग्रामीण इलाकों में सड़क सुविधा नहीं पहुंच पाई है, जिसके चलते हमें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रोजमर्रा का सामान उठाने के लिए और स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचाने सहित बीमारों को उठाने में परेशानी होती है क्योंकि 8 से 10 किलोमीटर का पैदल सफर तय करके सड़क तक पहुंचना पड़ता है। उनका कहना है कि हम नई सरकार से यही उम्मीद करते हैं कि नई सरकार बनने के बाद जल्द हमारी इन दो पंचायतों के सैकड़ों गांवों को सड़क सुविधा के साथ जोड़ा जाए ताकि उन्हें परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
