नाहन/देवेन्द्र कुमार: हिमाचल की राजनीति में डॉक्टर राजीव बिंदल एक ऐसा नाम है जिससे हर कोई परिचित है। हिमाचल की राजनीति में डॉक्टर राजीव बिंदल का नाम उन शीर्ष नेताओं में शुमार है, जिनका हिमाचल के विकास और प्रदेश को विश्व पटल पर पहचान दिलाने में योगदान है। डॉ राजीव बिंदल राजनेता कम और समाज सेवक अधिक है। उनका जन्म 12 जनवरी 1955 को सोलन में हुआ था। डॉ राजीव बिंदल छोटी आयु से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। 8वीं कक्षा में प्राथमिक शिक्षा वर्ग का प्रशिक्षण प्राप्त कर गठनायक का दायित्व संभाला। इसके बाद उन्होंने शाखा कार्यवाहक,मंडल कार्यवाहक, नगर कार्यवाहक आदि जैसे पदों का निर्वहन किया।
डॉ राजीव बिंदल का राजनैतिक सफर
1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेतृत्व में इस तानाशाही के खिलाफ प्रकाशन का जिम्मा एवं प्रकाशित सामग्री के वितरण का काम अपने हाथों में लिया और समाज को तानाशाही के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया। इसके लिए उन्होंने हरियाणा के करनाल जेल में 4 माह से अधिक का कारावास काटा।1977 में आपातकाल हटने के बाद वह विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए हरियाणा प्रदेश आयुर्वेद छात्र संघ के अध्यक्ष बने। इस दौरान उन्होंने आयुर्वेद की प्रगति के लिए जो प्रयास किए उसके लिए हरियाणा सरकार द्वारा उन्हें ताम्रपत्र से सम्मानित किया गया। 1978 में आयुर्वेद आचार्य की डिग्री हासिल करने के बाद संघ की प्रेरणा से उन्होंने देश के सबसे निर्धन व पिछड़े हुए आदिवासी इलाके में निष्काम सेवा करने का निर्णय लिया।
संघ के प्रचारक के रूप में वनवासी कल्याण आश्रम के मार्गदर्शन एवं तत्वावधान में लगभग 2 वर्ष तक झारखंड की “हो”नामक जनजाति में निशुल्क चिकित्सालय छात्रावास एवं अन्य सेवाएं देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया। इस दौरान देशद्रोहियों द्वारा उन पर कई बार जानलेवा हमले भी हुए। 1983 में उन्होंने अपने पैतृक स्थान सोलन में चिकित्सा कार्य शुरू करते हुए समाज सेवा का निर्वहन किया। इसके साथ-साथ उन्होंने हिमगिरी कल्याण आश्रम के नाम से एक संस्था बनाई जिसमें निर्धन एवं अभावग्रस्त लोगों की 20 वर्षों तक सेवा की और सैकड़ों युवाओं का जीवन सँवारने में योगदान दिया। 1995 में पहली बार नगर परिषद सोलन का चुनाव जीत कर सोलन नगर परिषद के अध्यक्ष का दायित्व संभाला।
1997 से वर्ष 2000 तक उन्होंने प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष का कार्यभार भी संभाला। सन 2000 में सोलन में पहली बार उन्हें भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का मौका मिला और जीत हासिल की। इस दौरान उन्हें प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड का चेयरमैन भी बनाया गया। अपने इस कार्यकाल में उन्होंने सोलन के विकास में एक नई इबारत लिखी। राजनीति के माध्यम से समाज सेवा में आगे बढ़ते हुए वर्ष 2003 में वह दूसरी बार तथा वर्ष 2007 में तीसरी बार सोलन के विधायक चुने गए। तत्कालीन प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व आयुर्वेद विभाग के मंत्री का दायित्व सौंपा। अपने इस कार्यकाल में उन्होंने ना केवल सोलन विधानसभा क्षेत्र बल्कि पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई।
परंतु वर्ष 2012 में सोलन विधानसभा क्षेत्र की सीट आरक्षित होने की वजह से उन्हें नाहन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए भाजपा ने टिकट दिया। क्योंकि इससे पूर्व हिमाचल प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके डॉ राजीव बिंदल ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश में समान विकास किया था। इसे देखकर नाहन की जनता ने भी उन्हें अपना विधायक चुनकर विधानसभा में भेजा। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने की वजह से फिर 5 वर्षों में विधायक डॉ राजीव बिंदल को अपनी योजनाओं को साकार करने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। इस दौरान डॉ राजीव बिंदल ने भूख हड़ताल, पैदल यात्रा आदि संघर्ष करके क्षेत्र की जनता को दिए वचन को निभाया। यही वजह है कि डॉ राजीव बिंदल को वर्ष 2017 के चुनाव में नाहन विधानसभा की जनता ने पांचवी बार जिताकर विधायक बनाया।अपने कार्यकाल में डॉक्टर राजीव बिंदल विभिन्न पदों पर रहते हुए आगे बढ़े और विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण और गरिमामय पद पर आसीन हुए। सितंबर 2019 में डॉ राजीव बिंदल ने अफ्रीका के युगांडा में राष्ट्रमंडल संसदीय संगठन के महासम्मेलन में भाग लेते हुए देश का प्रतिनिधित्व किया।
पहली बार ई-विधान मॉडल को किया स्थापित
देश में पहली बार ई-विधान मॉडल को भी डॉक्टर राजीव बिंदल ने अपने इस कार्यकाल में स्थापित किया। जिसमें कागज रहित प्रणाली को बढ़ावा दिया गया। ओर आज ये पूरे भारतवर्ष में चर्चा का विषय बना हुआ है। यही कारण है कि हिमाचल के ई विधान मॉडल को देश की 40 विधानसभा में लागू करवाने का आदेश केंद्र सरकार द्वारा पारित किया गया। इसके अलावा इन्होंने के-constituency management नाम से एक नई एप्प शुरू की जिससे विधानसभाओं के अंदर समस्त विकास कार्यों व समस्त पत्रकारों के ऊपर पूरी नजर रखी जा सके। इसके बाद डॉ राजीव बिंदल हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष भी रहे। इस दौरान उन्होंने संगठन की मजबूती के लिए अथक प्रयास किए। वर्तमान में डॉक्टर राजीव बिंदल ने अपने विधानसभा क्षेत्र नाहन में वो विकास कार्य करवाए हैं जो आज तक पूर्व की सरकारें करवाने में असफल रही।
डॉ राजीव बिंदल एवं उनका परिवार
डॉ राजीव बिंदल की पत्नी मधु बिंदल एक कुशल गृहणी व सामाजिक कार्यकर्ता है। उनका पुत्र डॉ विवेक बिंदल गंगाराम अस्पताल नई दिल्ली में बतौर रोबोटिक सर्जन कार्यरत है तथा पुत्रवधू उषा बिंदल सुपर स्पेशलिटी पेडियाट्रिक हॉस्पिटल नोएडा में कार्यरत हैं। उनकी पुत्री डॉक्टर स्वाति बिंदल सोलन में अपेक्स डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन करती है तथा दामाद डॉक्टर राजकुमार गांधी भी बतौर रेडियोलॉजिस्ट इसी अस्पताल को चलाने में सहयोग कर रहे हैं। राजीव बिंदल से बड़े पांच भाई और एक बहन है जबकि एक बहन उनसे छोटी है। सभी भाई बहन निजी जीवन के कार्यों के साथ समाज सेवा के विभिन्न कार्यों में लगातार सेवारत हैं।
