मंडी,धर्मवीर(TSN)-मंडी जिला में स्वामित्व योजना के अंतर्गत आबादी देह में परिवारों को जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा।जिसके लिए जिला प्रशासन ने कसरत भी शुरू कर दी है।जमीन का मालिकाना हक मिलने के बाद आबादी देह में रहने वालों को जमीन का अधिकार मिलने से उनकी बहुत समस्याएं हल होंगी। स्वामित्व योजना के अर्न्तगत मंडी जिला में 2508 आबादी देह गांवों में 2326 गांवों का ड्रोन सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है।सदर मंडी,बगसाड,औट,पांगना,थाची, चच्योट,पधर,करसोग,बल्ह,बलद्वाड़ा और रिवालसर में ड्रोन सर्वें का कार्य किया जा रहा है,अन्य सभी तहसीलों व उप-तहसीलों में कार्य भी पूरा हो चुका है।
उपायुक्त ने यह जानकारी शनिवार को डीआरडीए हॉल में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान दी। बैठक में जिला मंडी के एसडीएम,तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राजस्व मामलों के निपटारे में देरी मंजूर नहीं है।उपायुक्त ने इस दौरान तहसील और उप तहसील स्तर पर तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों द्वारा म्यूटेशन,जमाबंदी, अतिक्रमण, निशानदेही,हुक्मी और खानगी तकसीम सहित सभी राजस्व मामलों के निपटारे की प्रगति का अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने पटवारखानों और कानूनगो भवनों के निर्माण की भी जानकारी प्राप्त की।उन्होंने किसान सम्मान निधि से संबंधित केवाईसी तथा लैंड मैपिंग के कार्य में भी तेजी लाकर इस कार्य को भी शीघ्र पूर्ण करने को कहा।उन्होंने राजस्व प्रबंधन प्रणाली को भी कार्यालयों में पूर्ण रूप से लागू करने के निर्देश दिए ।
छह महीने के उपर के मामलों को निपटाने में सर्वोच्च प्राथमिकता:
उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार का फोकस राजस्व मामलों के समयबद्ध निपटारे पर है। इसके लिए हर महीने राजस्व अदालतें लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी रणनीति बनाकर राजस्व मामलों का निपटारा करें। उन्होंने बताया कि छह महीने के अधिक पुराने मामलों को निपटाने में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों को अधीनस्थ तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के कार्यों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
क्या है स्वामित्व योजना:
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2020 को स्वामित्व योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के सपष्ट स्वामित्व की स्थापना करना है।इसके लिए ड्रोन के माध्यम से गांवो का सर्वेक्षण किया जा रहा है और जमीन की प्लॉट मैपिंग की जा रही है। इसके बाद इस जगह पर घर बनाकर रह रहे परिवारों का कार्ड बनाकर उनको मालिकाना हक दिया जाएगा। मंडी में इस योजना के तहत हजारों परिवार लाभान्वित होंगें।
