बिलासपुर ,सुभाष – : शिमला फोरलेन परियोजना का निर्माण कार्य स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। निर्माण स्थल के आसपास उड़ रही धूल और सड़क पर फैली मिट्टी ने लोगों का दैनिक आवागमन प्रभावित कर दिया है। वाहन चालकों का कहना है कि कई स्थानों पर धूल का स्तर इतना अधिक है कि सड़क पर दृश्यता कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान आवश्यक सावधानियां नहीं बरती जा रही हैं। सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव न होने के कारण दिनभर धूल उड़ती रहती है। इसका सबसे अधिक असर दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। कई लोगों ने सांस संबंधी परेशानियां बढ़ने की भी शिकायत की है।वाहन चालकों का कहना है कि धूल के कारण सामने से आने वाले वाहनों को समय पर देख पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ओवरटेकिंग और मोड़ों पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी की ओर से सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा और कई जगह चेतावनी संकेत भी पर्याप्त नहीं हैं।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की नियमित जांच की जाए और धूल नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने सड़क पर नियमित पानी छिड़काव, सुरक्षा संकेतकों की व्यवस्था और निर्माण कार्य की निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता जताई है। लोगों का कहना है कि समय रहते उचित कदम उठाए गए तो संभावित हादसों को रोका जा सकता है।
