अरविंदर सिंह,हमीरपुर: अपनी रोजमर्रा के अनाज में मोटे अनाजों को शामिल करने की अपील लगातार सरकार की ओर से की जा रही हैं। इसी को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश में मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देने के लिए अब किसानों को मोटे अनाजों की खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा हैं। इसके लिए किसानों को बीज भी मुहैया करवाए जा रहे हैं, ताकि किसान मोटे अनाजों की फसलों को अपने खेतों में उगाने को लेकर प्राथमिकता दें। इसी कड़ी में जिला हमीरपुर में कृषि विभाग हमीरपुर किसानों को मोटे अनाज का बीज बांटने में लगा हुआ है, ताकि कम बारिश में भी किसानों को अच्छी फसल मिल सके।
इसके अलावा मोटे अनाज की फसल को जंगली जानवर भी कम नुकसान पहुंचाते हैं। यही कारण है कि इस बार किसानों को दूसरी फसलों के अलावा मोटे अनाज के प्रति भी जागरूक किया जा रहा हैं। मोटे अनाज की फसलों में दूसरी फसलों के मुकाबले पोषक तत्व ज्यादा रहते हैं।
बता दें कि कृषि विभाग हमीरपुर ने इस बार मोटे अनाज का 406 किलो बीज मंगवाया है, जिसे ब्लॉकों के माध्यम से किसानों को बांटा जाएगा। कृषि विभाग के पास रागी (मंडल) का 350 किलो बीज, कोदरा का 40 किलो बीज, सावा का आठ किलो बीज और कुटकी का आठ किलो बीज पहुंच गया है, जिसे जिला के सभी ब्लॉकों को डिमांड के मुताबिक भेज दिया गया हैं। किसानों को मोटा अनाज एनएफएसएम स्कीम के तहत अनुदान पर दिया जा रहा हैं।
कृषि विभाग ने रागी का बीज 130 रुपए किलो, कोदरा का 115 रुपए किलो, साबा का 115 रुपए किलो और कुटकी का 140 रुपए किलो के हिसाब से खरीदा हैं। कृषि विभाग किसानों को इस बार मोटे अनाज को उगाने के लिए कैंपों के जरिए जागरूक भी कर चुका है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान मोटे अनाज की खेतीबाड़ी कर सकें। मोटे अनाज में बारिश की भी ज्यादा जरूरत नहीं होती हैं। इसके अलावा इस फसल को जंगली जानवर भी काफी कम नुकसान पहुंचाते हैं। मोटे अनाज में काफी पोषक तत्व पाए जाते हैं।
कृषि विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अतुल डोगरा ने बताया कि हमीरपुर जिला के किसानों को इस बार मोटे अनाज का बीज भी मुहैया करवाया जा रहा हैं। जिला में मोटे अनाज का 406 किलो बीज पहुंच गया है, जिसे ब्लॉकों के जरिए किसानों को बांटा जा रहा हैं। ब्लॉकों में एनएफएसएम स्कीम के तहत बीज पर अनुदान मुहैया करवाया जा रहा हैं।
