बिलासपुर : सुभाष ठाकुर (TSN)-प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज ने जहां सूखे जैसे हालात पैदा कर दिए हैं । काफी समय से बारिश ना होने के चलते किसानों की फसलें बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं, वहीं बात करें बिलासपुर जिला की तो सूखे के चलते इस बार गेंहू की फसल बीजने वाले किसानों के हाथ केवल मायूसी ही लग रही है।
बता दें कि नैना देवी,बिलासपुर झंडूता,नमहोल जुखाला, घुमारवीं का कृषि आधारित अधिकतर क्षेत्र सिंचाई के लिए बारिश व प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर है । ऐसे में बीते तीन माह से बारिश ना होने व सूखे की स्थिति के चलते गेंहू की फसल काफी प्रभावित हुई है और अबतक 20 से 25 प्रतिशत तक फसल बर्बाद हो चुकी है। कृषि विभाग बिलासपुर के उप निदेशक शशिपाल शर्मा ने कहा कि बिलासपुर जिला में लगातार सूखे की मार देखने को मिल रही है और अबतक 17 हजार हेक्टेयर जमीन पर गेंहू की फसल बारिश ना होने के चलते बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे नुकसान का आंकलन साढ़े नौ करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं स्थानीय किसान सुभाष चंद सोनी का कहना है कि किसानों की फसल बारिश पर निर्भर रहती है और इसके अलावा सिचाईं का अन्य कोई साधन नहीं है जिसका नतीजा यह है कि गेंहू की बिजाई के समय तो बारिश हुई थी,मगर उसके बाद से बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई है जिससे उनकी फसलें बर्बाद हो गयी है ।
