Mandi, Dharamveer- हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) का मंडी डिविजन घाटे से उबरकर अब मुनाफे की राह पर अग्रसर है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस डिविजन ने 14.33 करोड़ रुपये की आय में बढ़ोतरी दर्ज की है। निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने मंडी दौरे के दौरान इस बात की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मंडी डिविजन में मंडी, सुंदरनगर, सरकाघाट, धर्मपुर, कुल्लू और केलांग डिपो शामिल हैं। यहां 622 बसें प्रतिदिन 520 रूटों पर 855 सेवाएं दे रही हैं। करीब 2,000 कर्मचारी इस डिविजन में सेवाएं दे रहे हैं जिनमें 758 चालक, 775 परिचालक और 283 वर्कशॉप कर्मी शामिल हैं।
सेवाएं बेहतर, खर्च पर नियंत्रण – मुनाफे की राह पर निगम
एचआरटीसी की बसें हर दिन लगभग 1.05 लाख किलोमीटर का सफर तय करती हैं, जिससे प्रतिदिन 45 से 50 लाख रुपये की आय हो रही है। वर्ष 2023-24 में मंडी डिविजन की कुल आय 150 करोड़ रुपये थी, जबकि 2024-25 में यह बढ़कर 164.33 करोड़ रुपये हो गई है।अजय वर्मा ने कहा कि खर्चों में मामूली कटौती हुई है, लेकिन कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में इजाफा किया गया है। इसके बावजूद आय में हुई बढ़ोतरी निगम के बेहतर प्रबंधन और सेवाओं की बदौलत संभव हो सकी है।उन्होंने बताया कि मंडी डिविजन में सामाजिक कल्याण के तहत भी निगम अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यहां 14,922 लोग सम्मान कार्ड, 19,557 ग्रीन कार्ड और 3,000 लोग स्मार्ट कार्ड का लाभ ले रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से कार्ड की व्यवस्था की गई है।अजय वर्मा ने जनता से अपील की कि वे एचआरटीसी की सुविधाओं का भरपूर लाभ उठाएं और निगम को और अधिक सशक्त बनाने में योगदान दें।
