सचिन शर्मा, मनाली: मंगलवार को पर्यटन नगरी मनाली के साथ लगते सियाल गांव में लकड़ी के खोखे में अचानक आग लगी गई। खोखे में जब आग लगी तो घर के अंदर छोटे-छोटे पांच बच्चे भी थे। गनीमत यह रही कि इस अग्निकांड में किसी भी बच्चे को किसी भी तरह की चोट नहीं आई है ना ही बच्चों को आग लगने से कोई नुकसान नहीं हुआ हैं।
जिस समय आग लगने की घटना पेश आई उस समय बच्चे घर में अकेले थे लेकिन आग लगते ही बच्चे घर से बाहर भाग गए और इसके बाद एक एक करके तीन सिलेंडर फटे जिससे पल भर में ही खोखे के परखच्चे उड़ गए और वह पूरी तरह से जलकर राख हो गया। खोखे में आग लगने से मकान मालिक सहित तीन परिवारों को भारी नुकसान हुआ हैं। आग लगने की सूचना अग्निशमन विभाग को दी गई जिसके बाद विभाग के कर्मचारियों ने यहां पहुंचकर आग को बुझाया लेकिन तब तक खोखा जलकर राख हो चुका था।
अग्निशमन केंद्र प्रभारी प्रेम ने बताया कि सियाल गांव के समीप होटल हिमालयन के पास लकड़ी से बने खोखे में दोपहर पौने दो बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दलबल सहित टीम मौके पर पहुंची। होटल के स्विमिंग पुल से पंप जोड़ कर आग को बुझा दिया। इस आग से रोहित शर्मा का चादर नुमा खोखा जल गया। इस खोखे में लालू पुत्र मनवीर और नरेश पुत्र मोवन वीपीपी चामुंडा नगर, जिला देहलिन नेपाल के दो परिवार रहते थे। आग से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ,लेकिन नेपाली परिवारों का अंदर रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। साथ लगते ओम प्रकाश गोयलु के बगीचे में भी पांच पेड़ आग की चपेट में आए हैं। आग लगने से एक लाख से अधिक का नुकसान हुआ हैं। डीएसपी केडी शर्मा ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा हैं।
