शिमला:कमल भारद्वाज (TSN)-प्रदेश की राजधानी शिमला की संकरी सड़को पर ट्रैफिक प्रबंधन करना सबसे बड़े चुनौतीपूर्ण कार्य में से एक है। राजधानी शिमला में ट्रैफिक की समस्या आम है और ये ट्रैफिक लोगो की सिरदर्द का कारण बन गया है।लेकिन शिमला के लोगो को जाम की समस्या से निजात मिलने वाली है। अब शिमला के लोगो को जाम की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।प्रदेश सरकार और नगर निगम ने मिलकर ट्रैफिक की समस्या से निजात पाने का तोड़ निकाल लिया है।शिमला के लोगो को जाम से निजात दिलाने के लिए फ्लाई ओवर बनना ही एकमात्र रास्ता है।
फ्लाईओवर का कार्य हुआ शुरू..लगभग एक वर्ष में होगा तैयार
राजधानी शिमला के विभिन्न इलाकों में फ्लाई ओवर बनाए जा रहे है जिसमें शिमला में बनने वाले पहले फ्लाई ओवर का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। शिमला का पहला फ्लाईओवर विधानसभा से विक्ट्री टनल तक बनाया जा रहा है। फलाई ओवर बनने से शिमला के लोगो को ट्रैफिक की विकराल समस्या से निजात मिलेगी। विधान सभा से विक्ट्री टनल तक बनने वाले पहले फ्लाईओवर 25 करोड़ को लागत से बनकर तैयार होगा जिसकी लंबाई 220 मीटर होगी। फ्लाई ओवर का कार्य लगभग एक वर्ष में पूरा होना संभावित है।
नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान ने कहा कि शिमला को जाममुक्त करने के लिए फलाई ओवर और टनल्स बनाना ही एकमात्र रास्ता है, जिसमें पहले फलाईओवर का कार्य युद्ध स्तर पर चला हुआ है। महापौर ने कहा कि शिमला में कई क्रॉसिंग और चौराहे ऐसे जहां अकसर जाम लगा रहता है और आवाजाही में बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। महापौर ने कहा कि विधानसभा विक्ट्री टनल फ्लाई ओवर के बाद खलीनी में दूसरा फ्लाई ओवर बनाने का प्रस्ताव है जिसका कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा छोटा शिमला से आईजीएमसी तक टनल बनाने का प्रस्ताव भी सरकार के समक्ष रखा है। जिसमे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी संज्ञान लिया है और इसकी डीपीआर लगभग बनकर तैयार हो गई है।
