राहुल चालवा, धर्मशाला: धर्मशाला के खनियारा में हिंदू रीति रिवाजों से शादी रचाने वाले विदेशी जोड़े ने अब पर्यटन नगरी धर्मशाला में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत अपनी शादी का पंजीकरण करवाया है। मूल रूप से रशिया निवासी सिरगी नोविका जिन्होंने इजरायल की नागरिकता ग्रहण कर ली है और यूक्रेन की रहने वाली एलोना ब्रामोका अगस्त माह में खनियारा के नारायण मंदिर दिव्य आश्रम खड़ौता में हिंदू रीति-रिवाज के साथ परिणय सूत्र में बंधे थे। शादी के बाद दोनों ने शादी के पंजीकरण हेतू एसडीएम कार्यालय धर्मशाला में आवेदन किया था, जिस पर सोमवार को दोनों की शादी का पंजीकरण किया गया।
पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज व धर्मशाला में देश-विदेश के पर्यटकों का आगमन लगा रहता है, ऐसे में बात की जाए इस वर्ष की तो एसडीएम कार्यालय में अब तक 106 शादियां पंजीकृत हुई हैं, जिनमें से करीब 40 फीसदी शादियां विदेशियों व तिब्बतियों की है।
एसडीएम धर्मशाला शिल्पी बेक्टा ने कहा कि स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत सोमवार को एक शादी का पंजीकरण किया गया है। दुल्हन यूक्रेन की है, जबकि दुल्हा रशियन बॉर्न इजराइली है। पंजीकरण को लेकर प्रासीजर होता है, आम पब्लिक को नोटिस करना पड़ता है, उसके बाद पंजीकरण होता है, जिसे आज किया गया है। एसडीएम ने बताया कि इस वर्ष अब तक उनके कार्यालय में 106 शादियां पंजीकृत हुई हैं, जिनमें से 40 फीसदी शादियां विदेशियों व तिब्बतियों की हैं।
हिंदू रीति-रिवाज से करवाई थी शादी : विनोद कुमार
सिरगी नोविका और एलोना ब्रामोका की शादी करवाने वाले विनोद कुमार ने बताया कि मई माह में यह दोनों मेरे संपर्क में आए थे। जिनकी हिंदू रीति-रिवाज अनुसार शादी करवाई गई थी। दोनों सनातन धर्म की ओर जाना चाहते थे, जिस पर शादी करवाकर पंजीकरण हेतू आवेदन किया था। सिरगी नोविका वैसे तो रशिया के रहने वाले हैं, लेकिन इन्होंने इजराइल की नागरिकता ले ली है।
विदेशी दंपत्ति बोले, हिंदू संस्कृति बहुत खूबसूरत
विदेशी दंपत्ति सिरगी नोविका और एलोना ब्रामोका का कहना है कि हिंदू संस्कृति बहुत खूबसूरत है। दोनों ने भगवान पर अगाद्ध श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान ही हमें भारत लाया, हमें मिलाया और शादी भी करवाई। रशिया और यूक्रेन के मध्य जारी युद्ध को लेकर दोनों का कहना था कि सभी शांति से रहें, लड़ाई न करें। युद्ध को लेकर उनका कहना था कि रशिया और यूक्रेन के लोग लड़ाई नहीं चाहते, बल्कि दोनों देशों की सरकारें लड़ रही हैं, जबकि उनका मानना है कि लड़ाई ठीक नहीं है।
