धर्मशाला,राहुल चावला (TSN)-नवरात्रों के साथ फेस्टीवल सीजन का आगाज हो चुका है। फेस्टीवल सीजन में मिठाइयों की ज्यादा डिमांड रहती है,ऐसे में मिठाइयों की जांच के लिए फूड सेफ्टी विभाग ने भी कमर कस ली है।जिला में अब तक विभिन्न प्रकार की 20 सेंपलिंग विभाग कर चुका है। साथ ही 891 लीटर यूजड कुकिंग ऑयल बद्दी स्थिति कंपनी को भेजा जा चुका है।विभाग का फेस्टीवल सीजन में ज्यादा फोकस मिठाइयों पर रहता है।
जिला में दो फूड सेफ्टी ऑफिसर के नेतृत्व में दो टीमें बनाई जाएंगी।जिला कांगड़ा को मिठाइयों की चेकिंग के लिए दो हिस्सों में बांटा जाता है।साथ ही इस दौरान ज्वाइंट इंस्पेक्शन भी की जाती है और मिठाइयों की सेंपलिंग की जाती है।फूड सेफ्टी विभाग की एसिस्टेंट कमीश्नर डा. सविता ठाकुर ने बताया कि अक्टूबर में इस माह में अभी तक 20 सेंपल विभाग द्वारा लिए गए हैं,जिसमें मिठाइयों, तेल व अन्य सेंपल लिए गए हैं। दशहरा, करवाचौथ और दीपावली पर्व के दौरान विभाग का फोकस मिठाइयों के सेंपल पर ही रहेगा।
तीन बार से अधिक यूज न करें कुकिंग ऑयल
डा. सविता ठाकुर ने बताया कि मिठाइयां बनाने वाले और समोसे,पकौड़े बनाने वाले जो कि फ्राइंग का काम करते हैं, उन्हें विभाग की ओर से समय-समय पर जागरूक किया जाता है कि तीन से ज्यादा बार कुकिंग ऑयल को यूज न करें। साथ ही यूज किए गए तेल को स्टोर करते रहें। यूज किए गए तेल के संबंध में विभाग का बद्दी की एक कंपनी के साथ टाईअप हुआ है।हाल ही में कंपनी द्वारा जिला कांगड़ा से यूज किया गया 891 लीटर तेल उठाया गया है,जिससे कंपनी द्वारा बायो डीजल बनाया जाता है।मिठाइयां बनाने वाले मिठाइयों में रंगों का ज्यादा इस्तेमाल न करें,बल्कि एफएसएसआई से स्वीकृत रंगों का प्रयोग निर्धारित मात्रा में करें।
अजीनोमोटो का सीमित हो इस्तेमाल
डा.सविता ने बताया कि जंक फूड बेचने वालों को स्वच्छता बारे जागरूक किया जाता है और तेल को बार-बार यूज न करने की हिदायतें दी जाती हैं।साथ ही जंक फूड मोमो,चौमिन में अजीनोमोटो ज्यादा यूज होता है,जिसके चलते यह काम करने वालों को तय मात्रा में अजीनोमोटा के इस्तेमाल की बात कही जाती है।
