राहुल चावला,धर्मशाला: जी-20 सम्मेलन के लिए आए विदेशी मेहमानों ने गुरुवार को धर्मशाला टी गार्डन और कांगड़ा कला संग्रहालय का दौरा किया। विदेशी मेहमानों ने इस दौरान कांगड़ा चाय की खेत के बारे में जाना और स्थानीय लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। विदेशी मेहमानों ने टी फैक्ट्री में कांगड़ा चाय के उत्पादन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी हासिल की और कांगड़ा चाय की चुस्कियां ली। इसके उपरांत विदेशी मेहमानों ने कांगड़ा कला संग्रहालय पहुंचकर कांगड़ा शैली और पेंटिंग के बारे में जानकारी हासिल की साथ ही हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में भी जाना।
विदेशी प्रतिनिधियों ने कहा कि जी-20 की बैठक बहुत ही यादगार रही हैं। उन्होंने कहा कि इस बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई हैं। उन्होंने धर्मशाला की खूबसूरती और वातावरण को लेकर भी खुशी जताई। विदेशी प्रतिनिधियों हिमाचल प्रदेश की मेजबानी के भी कायल नजर आए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में उन्हें बहुत ही प्यार और सम्मान मिला हैं। उन्होंने कहा कि चाय बागान से पहाड़ों की खूबसूरती बहुत ही मनमोहक नजर आ रही हैं। उन्होंने कांगड़ा पेंटिंग के माध्यम से विभिन्न ऋतुओं (मौसम) के बारे में भी जानकारी हासिल की और इसे रोचक बताया।
एसडीएम धर्मशाला शिल्पी बेक्टा ने कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए प्रतिनिधियों के लिए आज हिमाचल की संस्कृति विरासत और धर्मशाला के महत्त्व के बारे में जानकारी दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले प्रतिनिधियों के लिए आयुष विभाग की ओर से योगाभ्यास सत्र का आयोजन किया गया, उसके उपरांत प्रतिनिधियों को धर्मशाला स्थित चाय बागानों का भ्रमण करवाया गया और उन्हें कांगड़ा चाय के उत्पादन के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई गई। एसडीम ने कहा कि प्रतिनिधियों को धर्मशाला की भौगोलिक परिस्थितियों से भी अवगत करवाया गया । उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रतिनिधियों ने कांगड़ा कला संग्रहालय का भ्रमण कर कांगड़ा पेंटिंग के साथ-साथ हिमाचली वेशभूषा, गहनों और चंबा रुमाल की जानकारी भी हासिल की। साथ ही कांगड़ा की प्रसिद्ध गुलेर कला शैली के बारे में एक लघु फिल्म भी दिखाई गई । उन्होंने कहा कि विदेशी मेहमानों की ओर से इस सब की खूब सराहना की गई हैं।
