संजु चौधरी, शिमला: कांग्रेस सरकार प्रदेश में बदले की भावना से काम कर रही हैं। मंत्रीमंडल नहीं बनाने वाली अधूरी सरकार जनता से चुनाव में किए वादों पूरे करने की जगह जनहित में खोले संस्थानों को गैर कानूनी और असंवैधानिक तरीके से बंद कर रही हैं। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार की ओर से प्रदेश में पूर्व सरकार के कार्यकाल में खुले विभागों को बंद करने पर निशाना साधते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की तानाशाही कर सरकार जनता के बीच हंसी का पात्र बन गई हैं ओर ये कांग्रेस बंद एक्स्प्रेस सरकार बन कर रह गई हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में पहली बार किसी सरकार के खिलाफ 15 दिनों से पहले ही विपक्ष सड़क पर उतरने को मजबूर हुआ हैं। पूर्व सरकार ने कैबिनेट में इन विभागों को खोलने की मंजूरी दी थी और बजट का प्रावधान भी किया था और सभी कार्यालय काम भी कर रहे थे, लेकिन इस सरकार ने तानाशाह के रूप में काम कर सभी विभागों को बंद करने का फरमान जारी किया हैं,जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले सीमेंट इंडस्ट्री पर ताले लगे हैं, जिससे 30 हज़ार से ज्यादा लोगों के रोजगार पर सीधा असर पड़ा हैं। यह सरकार केवल संस्थानों को डिनोटिफाई करने में मस्त में हैं। उन्होंने हमीरपुर चयन आयोग में जेओए आईटी का पेपर लीक होने पर भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा के कार्यकाल के दौरान जब पेपर लीक होते थे तो कांग्रेस हाय तौबा मचा दी थी लेकिन अब इस सरकार के बनते ही पेपर लीक हो गया हैं, जिस पर मुख्यमंत्री कुछ बोल नहीं रहे और उसके मीडिया एडवाइजर ज्ञान बांट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनावों के दौरान 10 दिन के भीतर ओपीएस देने और 15 सौ महिलाओं के खाते में डालने का वादा किया था, लेकिन अब इस सरकार को बने हुए 14 दिन से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन अभी तक इनसे कैबिनेट का गठन भी नहीं हुआ हैं। लोगों के हित में फैसला करने के बजाय यह सरकार जनविरोधी कार्य करने में लगी हैं, जिसे विपक्ष किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। सदन के अंदर भी और बाहर जनविरोधी फैसलों का विरोध किया जाएगा।
