संजू चौधरी, शिमला: प्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूर्व की भाजपा सरकार के फैसलों को रिव्यू करने के आदेश जारी किए हैं जिसका बीजेपी विरोध जता रही हैं। वहीं अब पूर्व सरकार के फैसलों को रिव्यू करने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी पलटवार किया हैं। उन्होंने कहा है कि अगर सरकार जनहितों के खिलाफ जाकर काम करेगी तो भाजपा इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर मामले को न्यायालय में भी पहुंचाया जाएगा।
एक तरफ जहां पूर्व मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार के फैसलों को रिव्यू के आदेशों पर अपनी आपत्ति जाहिर की तो वहीं दूसरी और उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बदले की भावना से फेरबदल न करने की बात की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि अगर सुखविंदर सिंह सुक्खू इस तरह का काम करेंगे, तो वह काबिल-ए-तारीफ होगा।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार पर फिजूलखर्ची को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने हिमाचल में इस्तेमाल किए जा रहे हेलीकॉप्टर को लेकर कहा कि विपक्ष में बैठकर कांग्रेस उनके हेलीकॉप्टर इस्तेमाल करने पर सवाल खड़े करती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल में यही स्थिति रही, तो एक और उप मुख्यमंत्री बनने पर तीन हेलीकॉप्टर खरीदने पड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि चुने हुए विधायकों को मंत्री बनाने से पहले बाहर से कैबिनेट मंत्री बनाए जा रहे हैं। एक तरफ तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू फिजूलखर्ची खत्म करने की बात कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ कैबिनेट रैंक के बाद फिजूलखर्ची को बढ़ा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार में अभी तक कैबिनेट की स्थापना ना होने को लेकर भी तंज कसा । उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अब तक सब कुछ ठीक नहीं हैं और सभी नेता मंत्री बनने के लिए अड़े हुए हैं।
विधानसभा सत्र को लेकर देरी करना नहीं सही
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश में विधानसभा सत्र को लेकर कहा कि इसमें देरी करना ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विधायकों की शपथ समय से होनी चाहिए, ताकि वे विधायक के तौर पर अपना कामकाज शुरू कर सके।
