कुल्लू : मनमिंन्द्र अरोड़ा – हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों चंबा जिला में मनोहर लाल की ह+त्या हुई है वह निंदनीय है। वहीं प्रदेश में असामाजिक तत्वों को भी कांग्रेस की सरकार संरक्षण दे रही है। अगर सरकार सच में बेहतर कानून व्यवस्था चाहती है तो इस हत्याकांड की एन आई ए जांच करवाने से क्यों घबरा रही है। यह बात ढालपुर में कांग्रेस सरकार को घेरते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कही।
क्यों नहीं की जा रही मनोहर हत्या+कांड की एनआईए जांच
चंबा जिला में हुए मनोहर लाल हत्या+कांड मामले में जिला कुल्लू भाजपा के द्वारा ढालपुर में प्रदर्शन किया गया। वही डीसी कार्यालय के बाहर भी कांग्रेस सरकार पर असामाजिक तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया। इस दौरान डीसी के माध्यम से राज्यपाल को भी ज्ञापन भेजा गया और मांग रखी गई कि इस पूरे मामले की सही तरीके से जांच की जानी चाहिए। पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि उक्त हत्या+कांड में जो परिवार शामिल है। जब पुलिस के द्वारा इस मामले की जांच की जा रही थी तो उस परिवार के खिलाफ संदेहास्पद मामले सामने आए हैं। परिवार के बैंक खाते में करोड़ों रुपए जमा है। जबकि उन्होंने वन भूमि पर भी कब्जा किया हुआ है।
कांग्रेस सरकार यह बयान दे रही है कि उन्होंने कारवाई पूरी कर ली है। जबकि इस मामले में दूसरा पहलू यह भी है कि कही इस परिवार के किसी आतंकी संगठन के साथ कोई मेलजोल तो नहीं है। अगर कांग्रेस सरकार सही तरीके से काम कर रही है तो उन्हें इस मामले की जांच एनआईए को सौंपनी चाहिए। ताकि उक्त परिवार के आतंकी संगठन के साथ होने के बारे में भी सही तरीके से पुष्टि हो सके। कांग्रेस सरकार प्रदेश में सुशासन तो नहीं दे पाई बल्कि 6 माह में इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हुई है। पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि अभी तक कांग्रेस सरकार का कोई भी प्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा है। जबकि वह परिवार काफी गरीब है। अब सरकार को चाहिए कि पीड़ित परिवार के लिए जल्द से जल्द राहत राशि का भी प्रावधान करे।
वही प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य सेवानिवृत ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के अलावा जहां जहां भी कांग्रेस की सरकार रही है। वहां पर असामाजिक तत्वों को सरकार के द्वारा संरक्षण प्रदान किया जाता है। जो लोकतंत्र के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। कांग्रेस सरकार को प्रदेश में शांति व्यवस्था को बहाल करने की दिशा में काम करना चाहिए और पीड़ित परिवार के साथ मिलकर भी उन्हें जल्द से जल्द राहत देनी चाहिए।
