अनिल कुमार, किन्नौर: प्रदेश में बदले मौसम के बीच ज़िला किन्नौर में तीन दिन से निचले इलाकों मे बारिश व ऊंचाई वाले पहाड़ो पर बर्फबारी का दौर जारी हैं। अप्रैल माह में हुई बर्फ़बारी के बाद जिला में एक बार फिर से शीतलहर बढ़ चुकी हैं। वहीं इस बर्फ़बारी के बाद बागवानों को बगीचों में सिंचाई से निज़ात मिलेगी। ऐसे में यह बर्फ़बारी बागवानों के लिए राहत लेकर आई हैं।
किन्नौर ज़िला के कल्पा क्षेत्र के ख्वाँगी, कोठी, तेलंगी, युवारिगी, रोघी गांव के ऊपरी सेब के बगीचों व छितकुल, रकछम, आसरंग, हांगो, लिप्पा में गुरुवार सुबह करीब 2 इंच से अधिक ताज़ा बर्फबारी हुई जिसके बाद तापमान शून्य के नीचे चला गया हैं। ताज़ा बर्फबारी से जहां ठंड बढ़ी हैं वहीं बागवानों को सेब के बगीचों ने सिंचाई से निजात मिली हैं। हालही मे बढ़ती गर्मी के चलते बागवानों को उनके सेब के बगीचों में समय से पूर्व सेब की फ्लावरिंग की चिंता सता रही थी, लेकिन इस बर्फबारी के बाद अब सेब के बगीचों मे अपने समयानुसार फ्लावरिंग का कार्य चलेगा और सेब का सीजन भी अपने समयानुसार ही आएगा।
ज़िला के ऊंचाई वाले सेब बहुल ग्रामीण क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद फिलहाल छितकुल सड़क संपर्क मार्ग अवरुद्ध है व अन्य सड़क संपर्क मार्ग बहाल हैं और बर्फबारी से किसी भी प्रकार के अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली हैं। ज़िला के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के बाद प्रशासन ने भी लोगों को ऊंचे इलाकों मे न जाने की सलाह दी हैं ताकि बर्फबारी के दौरान होने वाले आपदाओं से लोगों को बचाया जा सके। वहीं छितकुल सड़क मार्ग को भी प्रशासन बहाल करने मे जुट गया हैं।
